अध्याय 14 — कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया
NCERT | अभिव्यक्ति और माध्यम | कक्षा 11
"भाषा की शुद्धता, स्पष्टता और संक्षिप्तता — यही तीन कार्यालयी लेखन के प्राण हैं।" — (अभिव्यक्ति और माध्यम, NCERT — अध्याय 14 के मूल भाव पर आधारित)
📌 भाग 1 — कार्यालयी लेखन : अर्थ, परिभाषा और महत्त्व
व्युत्पत्ति (Etymology)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| कार्यालय | वह स्थान जहाँ सरकारी या संस्थागत कार्य होते हैं (Office) |
| लेखन | लिखने की प्रक्रिया (Writing) |
| कार्यालयी लेखन | वह लेखन जो कार्यालयों में आधिकारिक उद्देश्यों के लिए किया जाए |
परिभाषा (NCERT के अनुसार)
कार्यालयी लेखन वह लिखित संचार प्रक्रिया है जिसके द्वारा सरकारी, अर्धसरकारी अथवा संस्थागत कार्यालयों में आधिकारिक कार्यों के लिए पत्र, आदेश, अधिसूचना (Notification – आधिकारिक सूचना), परिपत्र (Circular – सामूहिक सूचना), ज्ञापन (Memorandum – आंतरिक संदेश) आदि दस्तावेज़ तैयार किए जाते हैं।
सरल शब्दों में — कार्यालयी लेखन = औपचारिक + उद्देश्यपूर्ण + नियमबद्ध लेखन।
कार्यालयी लेखन क्यों जरूरी है? (4-5 बिंदु)
- अभिलेख संरक्षण — हर निर्णय और आदेश लिखित रूप में सुरक्षित रहता है।
- स्पष्ट संवाद — दो कार्यालयों या अधिकारियों के बीच भ्रम की संभावना समाप्त होती है।
- जवाबदेही (Accountability) — लिखित दस्तावेज़ से यह स्पष्ट होता है कि किसने, क्या, कब निर्णय लिया।
- कानूनी प्रमाण — न्यायिक प्रक्रियाओं में लिखित पत्र प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जाते हैं।
- एकरूपता (Uniformity) — सभी विभागों में एक जैसी कार्यप्रणाली सुनिश्चित होती है।
कार्यालयी लेखन का दायरा (Scope)
कार्यालयी लेखन निम्नलिखित क्षेत्रों में होता है —
- सरकारी विभाग (मंत्रालय, विभाग, उपविभाग)
- स्कूल-कॉलेज और शैक्षिक संस्थाएँ
- बैंक और वित्तीय संस्थाएँ
- अदालतें और न्यायिक निकाय
- सार्वजनिक उपक्रम (PSU) और स्वायत्त संस्थाएँ
व्यक्तिगत पत्र बनाम कार्यालयी पत्र
| आधार | व्यक्तिगत पत्र | कार्यालयी पत्र |
|---|---|---|
| भाषा | भावनात्मक, अनौपचारिक | औपचारिक, तथ्यात्मक |
| उद्देश्य | भावों की अभिव्यक्ति | आधिकारिक कार्य |
| संबोधन | प्रिय, आदरणीय | महोदय/महोदया |
| समापन | आपका प्रिय / स्नेही | भवदीय / आज्ञाकारी |
| प्रारूप | कोई निश्चित प्रारूप नहीं | निश्चित प्रारूप |
🧠 MNEMONIC — 'कार्यालयी लेखन' याद रखने की Trick
"कार्य-आ-ले" = कार्यवाही के लिए आधिकारिक लेखन
तीन मूल शब्द याद रखो → औपचारिक + नियमबद्ध + उद्देश्यपूर्ण
📌 भाग 2 — कार्यालयी भाषा की विशेषताएँ
6 प्रमुख विशेषताएँ (विस्तार से)
1. स्पष्टता (Clarity) भाषा इतनी स्पष्ट हो कि पढ़ने वाले के मन में कोई संदेह न रहे।
- ✅ सही: "15 अगस्त, 2024 को प्रातः 10 बजे बैठक होगी।"
- ❌ गलत: "जल्दी ही बैठक बुलाई जाएगी।"
2. संक्षिप्तता (Brevity) अनावश्यक विस्तार से बचो, कम शब्दों में बात कहो।
- ✅ सही: "कृपया फ़ाइल भेजें।"
- ❌ गलत: "आपसे यह प्रार्थना की जाती है कि आप अपनी सुविधा के अनुसार जब भी समय मिले, फ़ाइल भेज दें।"
3. शुद्धता (Accuracy/Correctness) तथ्य, तिथि, नाम, संख्या — सब बिल्कुल सटीक होने चाहिए।
- ✅ सही: "दिनांक 23 नवंबर, 2004 को जारी परिपत्र संख्या 24/13।"
- ❌ गलत: अनुमान से तिथि या नाम लिखना।
4. औपचारिकता (Formality) भाषा में व्यक्तिगत भावनाएँ नहीं, केवल तथ्य और आधिकारिक स्वर।
- ✅ सही: "आपसे अनुरोध है कि..."
- ❌ गलत: "यार, ज़रा देख लो।"
5. एकरूपता (Uniformity) एक ही प्रकार के पत्रों में प्रारूप हमेशा एक जैसा रहे।
- ✅ सही: सभी परिपत्रों का एक निश्चित प्रारूप।
- ❌ गलत: हर बार नया और अलग प्रारूप अपनाना।
6. शिष्टता (Courtesy/Politeness) भाषा में विनम्रता हो, कठोर या आदेशात्मक न लगे।
- ✅ सही: "कृपया", "महोदय", "आपका आज्ञाकारी" का प्रयोग।
- ❌ गलत: कठोर या अपमानजनक भाषा।
📊 TABLE: कार्यालयी भाषा की 6 विशेषताएँ
| विशेषता | English नाम | सरल उदाहरण | क्या करें / क्या न करें |
|---|---|---|---|
| स्पष्टता | Clarity | "15 अगस्त को बैठक है" | ✅ / ❌ "जल्दी बैठक है" |
| संक्षिप्तता | Brevity | "कृपया फ़ाइल भेजें" | ✅ / ❌ लंबे-चौड़े वाक्य |
| शुद्धता | Accuracy | तिथि, नाम, पद सटीक लिखें | ✅ / ❌ अनुमान से लिखना |
| औपचारिकता | Formality | "आपसे अनुरोध है..." | ✅ / ❌ "यार, ज़रा देख लो" |
| एकरूपता | Uniformity | सभी परिपत्रों का एक प्रारूप | ✅ / ❌ हर बार नया प्रारूप |
| शिष्टता | Courtesy | "कृपया", "महोदय" का प्रयोग | ✅ / ❌ कठोर/आदेशात्मक भाषा |
🧠 MNEMONIC: 6 विशेषताएँ याद रखने की Trick
"स.सं.शु.औ.ए.शि." सपष्टता → संक्षिप्तता → शुद्धता → औपचारिकता → एकरूपता → शिष्टता
★ EXAM TIP: "कार्यालयी भाषा की विशेषताएँ कौन-सी हैं?" — 5 अंकों का प्रश्न। Table के साथ उदाहरण अवश्य दो।
📌 भाग 3 — कार्यालयी पत्र : परिभाषा और प्रकार
परिभाषा
कार्यालयी पत्र वह आधिकारिक दस्तावेज़ है जो किसी सरकारी, अर्धसरकारी या संस्थागत कार्य के सिलसिले में एक कार्यालय, विभाग, या अधिकारी द्वारा दूसरे को लिखा जाता है।
NCERT की पाठ्यपुस्तक में अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति संस्थान के उदाहरण के माध्यम से विभिन्न प्रकार के कार्यालयी दस्तावेज़ समझाए गए हैं।
8 प्रकार के कार्यालयी दस्तावेज़
1. आधिकारिक पत्र / सरकारी पत्र (Official Letter / Formal Letter)
परिभाषा: एक विभाग, कार्यालय या मंत्रालय द्वारा दूसरे को भेजा जाने वाला औपचारिक पत्र।
विशेषताएँ:
- तृतीय पुरुष में लिखा जाता है — "मुझे निर्देश हुआ है कि...", "निवेदन है कि..."
- पत्र के शीर्ष पर कार्यालय/विभाग/मंत्रालय का नाम व पता लिखा जाता है।
- बाईं तरफ फ़ाइल संख्या लिखी जाती है।
- जिसे पत्र लिखा जाता है उसका नाम/पता भी बाईं तरफ लिखा जाता है।
- 'सेवा में' का प्रयोग घटता जा रहा है।
- 'महोदय' का प्रयोग विषय के बाद बाईं ओर।
- अंत में 'भवदीय' के नीचे हस्ताक्षर, नाम और पदनाम।
NCERT उदाहरण (पाठ्यपुस्तक से):
अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति संस्थान
क्षेत्रीय कार्यालय : मुंबई
फा.संख्या: मुंबई/का./5/2005/206 मुंबई, 15 मार्च 2005
सेवा में,
महानिदेशक
अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति संस्थान
तिलक मार्ग, नई दिल्ली-110001
विषय: मोबाइल फोन पर होने वाले व्यय के लिए निर्धारित सीमा
महोदय,
कृपया अपने परिपत्र का स्मरण करें जिसकी संख्या 24/13/प्र./2004 थी, जो 23 नवंबर,
2004 को जारी किया गया था। परिपत्र में हिदायत दी गई थी कि मोबाइल फोन पर महीने में
दो हज़ार से अधिक खर्च नहीं किया जाना चाहिए।
इस संबंध में निवेदन है कि मुंबई स्थित क्षेत्रीय कार्यालय की गतिविधियाँ अत्यंत
व्यापक हैं...
अतः निवेदन है कि मुंबई कार्यालय की विशेष स्थिति को ध्यान में रखते हुए मोबाइल
फोन पर मासिक खर्च की सीमा बढ़ाकर छह हज़ार रुपए कर दी जाए।
भवदीय,
(राकेश कुमार)
निदेशक
2. अर्धसरकारी पत्र (D.O. Letter — Demi Official Letter)
परिभाषा: दो अधिकारियों के बीच लिखा जाने वाला वह पत्र जिसमें औपचारिकता के साथ-साथ व्यक्तिगत स्तर पर संपर्क भी होता है।
विशेषताएँ:
- 'प्रिय श्री ___' से शुरू होता है — प्रथम पुरुष में।
- अंत में 'आपका' लिखा जाता है, 'भवदीय' नहीं।
- कार्यालय के लेटर हेड (Letterhead) पर लिखा जाता है।
- बाईं ओर प्रेषक का नाम और पदनाम होता है।
- अंत में बाईं ओर संबोधित अधिकारी का नाम, पदनाम और पूरा पता।
NCERT उदाहरण (पाठ्यपुस्तक से):
अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति संस्थान
महानिदेशालय
नई दिल्ली, 4 मई 2005
फा.संख्या: 3/2/2005/प्र.
गुफरान अहमद,
उपमहानिदेशक
प्रिय श्री कुमार,
कृपया 15 मार्च, 2005 और 26 अप्रैल, 2005 को भेजे गए अपने पत्रों का स्मरण करें, जो
मोबाइल फोन पर किए जाने वाले मासिक व्यय की सीमा बढ़ाने के बारे में थे।
आपके अनुरोध पर कार्रवाई की जा रही है। चूँकि व्यय सीमा में बढ़ोतरी के लिए बोर्ड
की अनुमति आवश्यक है, अतः हम इस मसले को बोर्ड की अगली बैठक में प्रस्तुत करेंगे।
इस मसले पर बोर्ड के निर्णय से हम आपको अवगत करा देंगे।
शुभकामनाओं सहित
आपका,
(गुफरान अहमद)
निदेशक
श्री राकेश कुमार
दूरदर्शन केंद्र, मुंबई
3. अनुस्मारक / स्मरण पत्र (Reminder)
परिभाषा: जब किसी पत्र का उत्तर समय पर नहीं मिलता तो पूर्व पत्र की याद दिलाने के लिए अनुस्मारक भेजा जाता है। इसे 'स्मरण पत्र' भी कहते हैं।
विशेषताएँ:
- प्रारूप आधिकारिक पत्र जैसा ही होता है, लेकिन आकार छोटा।
- शुरुआत में पूर्व पत्र का हवाला दिया जाता है।
- जब एक से अधिक अनुस्मारक भेजे जाएँ तो 'अनुस्मारक-1', 'अनुस्मारक-2' लिखते हैं।
NCERT उदाहरण (पाठ्यपुस्तक से):
अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति संस्थान
क्षेत्रीय कार्यालय : मुंबई
फा.संख्या: मुंबई/का./5/2005/372 मुंबई, 26 अप्रैल, 2005
सेवा में,
महानिदेशक
अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति संस्थान,
तिलक मार्ग, नई दिल्ली 110001
विषय: मोबाइल फोन पर होने वाले व्यय के लिए निर्धारित सीमा
महोदय,
कृपया उपर्युक्त विषय पर इस कार्यालय द्वारा भेजे गए समसंख्यक पत्र का स्मरण करें
जो 15 मार्च, 2005 को भेजा गया था।
निवेदन है कि मोबाइल फोन की मासिक व्यय सीमा को बढ़ाने संबंधी इस कार्यालय के
अनुरोध पर विचार कर कृपया आवश्यक स्वीकृति जारी की जाए।
भवदीय,
(राकेश कुमार)
निदेशक
4. ज्ञापन (Memorandum — Memo)
परिभाषा: एक ही संस्था या विभाग के आंतरिक कामकाज के लिए अधिकारियों/कर्मचारियों के बीच लिखा जाने वाला पत्र।
विशेषताएँ:
- 'महोदय' और 'भवदीय' नहीं लिखते — क्योंकि यह सहकर्मियों के बीच होता है।
- सीधे विषय पर आ जाते हैं।
- उदाहरण: प्राचार्य का शिक्षकों को ज्ञापन, महानिदेशक का कार्यालय कर्मचारियों को।
5. परिपत्र (Circular)
परिभाषा: एक ही विषय पर एक साथ अनेक लोगों, विभागों या कार्यालयों को भेजी जाने वाली सूचना।
विशेषताएँ:
- एक ही पत्र की अनेक प्रतियाँ अनेक स्थानों पर जाती हैं।
- बैठक में लिए गए महत्त्वपूर्ण निर्णयों को कार्यान्वित करने के लिए परिपत्र जारी होता है।
NCERT उदाहरण (पाठ्यपुस्तक से):
अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति संस्थान
महानिदेशालय
पत्रांक: 24/13/प्र.2005 नई दिल्ली, 27 मई 2005
परिपत्र
विषय: मोबाइल फोन पर होने वाले व्यय के लिए निर्धारित सीमा
महानिदेशालय ने उपर्युक्त विषय पर दिनांक 23 नवंबर, 2004 को एक समसंख्यक परिपत्र
जारी किया था।
उपर्युक्त परिपत्र द्वारा मोबाइल फोन पर होने वाले व्यय की सीमा दो हज़ार रुपए
प्रतिमाह निर्धारित की गई थी।
अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति बोर्ड द्वारा इस सीमा पर पुनर्विचार किया गया।
तदनुसार उपर्युक्त परिपत्र में आंशिक संशोधन करते हुए यह निर्णय लिया गया है कि
मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय के लिए यह सीमा छह हज़ार रुपए प्रतिमाह होगी।
उपर्युक्त परिपत्र के अन्य प्रावधान पूर्ववत रहेंगे।
यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
गुफरान अहमद
6. अधिसूचना (Notification — Gazette Notification)
परिभाषा: सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से जन-सामान्य को दी जाने वाली सूचना जो राजपत्र (Gazette — सरकारी अख़बार) में प्रकाशित होती है।
विशेषताएँ:
- तृतीय पुरुष में, निष्पक्ष और तथ्यात्मक भाषा।
- नियुक्ति, पदोन्नति, नीति परिवर्तन, परीक्षा तिथियाँ — इन सभी के लिए।
- राजपत्र (Gazette) — वह सरकारी प्रकाशन है जिसमें सरकार की आधिकारिक घोषणाएँ छपती हैं।
7. प्रेस विज्ञप्ति (Press Release / Press Note)
परिभाषा: किसी सरकारी संस्था या संगठन द्वारा मीडिया के लिए जारी आधिकारिक वक्तव्य।
विशेषताएँ:
- जन-सामान्य तक निर्णय पहुँचाने का माध्यम।
- निर्णय में विलंब के कारण और लाभ की जानकारी भी दी जाती है।
NCERT उदाहरण (पाठ्यपुस्तक से):
अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति बोर्ड
प्रेस विज्ञप्ति
अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रमों से जुड़े लेखकों
और कलाकारों के पारिश्रमिक में वृद्धि
अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति बोर्ड ने निर्णय लिया है कि संस्थान द्वारा
आयोजित कार्यक्रमों से जुड़े लेखकों, कलाकारों और विशेषज्ञों के पारिश्रमिक में
तत्काल प्रभाव से वृद्धि कर दी जाए।
8. कार्यालय आदेश (Office Order)
परिभाषा: किसी कार्यालय में आंतरिक व्यवस्था, अनुशासन या प्रशासनिक निर्णय के लिए जारी किया जाने वाला आदेश।
विशेषताएँ:
- स्थानांतरण, छुट्टी स्वीकृति, पद सौंपना आदि के लिए।
- भाषा आदेशात्मक होती है।
- RBI का उदाहरण — "आप अपनी शाखाओं को तत्काल आदेश दें कि..."
📊 COMPARATIVE TABLE: 8 प्रकार के कार्यालयी दस्तावेज़
| दस्तावेज़ | English | किसके लिए? | भाषा शैली | उदाहरण |
|---|---|---|---|---|
| सरकारी पत्र | Official Letter | एक विभाग → दूसरा विभाग | तृतीय पुरुष | मुंबई कार्यालय → मुख्यालय |
| अर्धसरकारी पत्र | D.O. Letter | अधिकारी → अधिकारी | प्रथम पुरुष, 'प्रिय' से | गुफरान अहमद → राकेश कुमार |
| अनुस्मारक | Reminder | पुराने पत्र की याद | औपचारिक | "हमारा पत्र क्र. ___ का संदर्भ..." |
| ज्ञापन | Memorandum | एक ही संस्था के अंदर | सीधा, बिना महोदय | महानिदेशक → कर्मचारी |
| परिपत्र | Circular | एक → अनेक | सामान्य | मुख्यालय → सभी क्षेत्रीय कार्यालय |
| अधिसूचना | Notification | सरकार → जनता | Gazette | नियुक्ति/नियम/परीक्षा |
| विज्ञप्ति | Press Release | संस्था → मीडिया | सूचनात्मक | पारिश्रमिक वृद्धि की घोषणा |
| कार्यालय आदेश | Office Order | आंतरिक व्यवस्था | आदेशात्मक | RBI → सभी बैंक |
🧠 MNEMONIC: 8 प्रकार याद रखने की Trick
"सर अर्ध अनु ज्ञा परि अधि विज्ञ का"
सरकारी → अर्धसरकारी → अनुस्मारक → ज्ञापन → परिपत्र → अधिसूचना → विज्ञप्ति → कार्यालय आदेश
★ EXAM TIP: "परिपत्र और अधिसूचना में अंतर" — 3 अंकों का प्रश्न। "अर्धसरकारी पत्र क्या होता है?" — 2 अंकों का प्रश्न।
📌 भाग 4 — कार्यालयी पत्र का प्रारूप (Format of Official Letter)
यह अध्याय का सबसे व्यावहारिक और परीक्षा में बार-बार पूछा जाने वाला भाग है।
NCERT के अनुसार 10 अनिवार्य तत्त्व
1. पत्र क्रमांक / फ़ाइल संख्या (File Number / Reference Number)
पत्र की पहचान संख्या जो भविष्य में संदर्भ के लिए काम आती है।
उदाहरण: फा.संख्या: मुंबई/का./5/2005/206
2. कार्यालय का नाम और पता (Office Name & Address — Letterhead) पत्र भेजने वाले कार्यालय का पूरा नाम और पता सबसे ऊपर।
3. दिनांक (Date) पत्र लिखने की तिथि — जैसे: मुंबई, 15 मार्च 2005।
4. प्रेषक (Sender — From) पत्र लिखने वाले अधिकारी का नाम और पद।
5. प्रेषिती (Addressee — To) जिसे पत्र लिखा जा रहा है — उसका नाम, पद और पता। 'सेवा में' लिखकर।
6. विषय (Subject) पत्र का मुख्य विषय एक पंक्ति में — "विषय:" के बाद, प्रायः रेखांकित।
7. संदर्भ (Reference) यदि किसी पूर्व पत्र के उत्तर में लिखा जा रहा है — "कृपया उपर्युक्त विषय पर हमारे पत्र संख्या ___ दिनांक ___ का संदर्भ..."
8. मुख्य विषय-वस्तु (Body of Letter) 'महोदय/महोदया' से शुरुआत → मुख्य बात → समापन अनुरोध।
9. अनुलग्नक (Enclosure — संलग्न दस्तावेज़) यदि पत्र के साथ कोई दस्तावेज़ संलग्न है — जैसे: "अनुलग्नक: बोर्ड बैठक का कार्यवृत्त।"
10. हस्ताक्षर और नाम-पद (Signature, Name & Designation) 'भवदीय/भवदीया' → हस्ताक्षर → नाम → पद।
📊 TABLE: कार्यालयी पत्र के 10 तत्त्व
| तत्त्व | English नाम | स्थान / उदाहरण |
|---|---|---|
| पत्र क्रमांक | File/Ref. Number | पत्र के शीर्ष पर बाईं ओर |
| कार्यालय का नाम-पता | Letterhead | सबसे ऊपर, केंद्र में |
| दिनांक | Date | शीर्ष पर दाईं ओर |
| प्रेषक | Sender (From) | बाईं ओर |
| प्रेषिती | Addressee (To) | बाईं ओर, 'सेवा में' के साथ |
| विषय | Subject | "विषय:" के बाद, रेखांकित |
| संदर्भ | Reference | "संदर्भ:" के बाद |
| मुख्य विषय | Body | "महोदय" से शुरू |
| अनुलग्नक | Enclosure | पत्र के अंत में, बाईं ओर |
| हस्ताक्षर/नाम-पद | Signature | सबसे नीचे दाईं ओर |
📝 NCERT FORMAT BOX — पूर्ण कार्यालयी पत्र का उदाहरण
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केन्द्रीय विद्यालय, जयपुर
JLN Marg, जयपुर — 302017
पत्र क्रमांक : KV-JPR/प्रा./2024/158 जयपुर, 15 सितंबर 2024
सेवा में,
श्री _________________
क्षेत्रीय अधिकारी
KVS क्षेत्रीय कार्यालय, जयपुर
विषय : विद्यालय में अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति के संबंध में।
संदर्भ : KVS मुख्यालय का पत्र क्र. 24/शिक्षा/2024 दिनांक 1 सितंबर 2024।
महोदय,
उपर्युक्त संदर्भ के अनुक्रम में निवेदन है कि इस विद्यालय में
वर्तमान में हिंदी विषय के केवल दो शिक्षक कार्यरत हैं जबकि
नामांकन 650 छात्र है। अतः एक अतिरिक्त हिंदी शिक्षक की
तत्काल आवश्यकता है।
अतः आपसे सादर अनुरोध है कि शीघ्र एक अतिरिक्त शिक्षक
की नियुक्ति कर विद्यालय के शैक्षिक हित में उचित कार्यवाही करें।
आपका आज्ञाकारी,
(हस्ताक्षर)
_______________
नाम : श्री ___
पद : प्राचार्य
दिनांक : 15.09.2024
अनुलग्नक (Enclosure – संलग्न दस्तावेज़):
1. छात्र नामांकन सूची
2. वर्तमान शिक्षक रोस्टर
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🧠 MNEMONIC: 10 तत्त्व याद रखने की Trick
"पत्र का दिन प्रे.प्रे.वि.सं.मु.अनु.ह."
पत्र क्रमांक → कार्यालय पता → दिनांक → प्रेषक → प्रेषिती → विषय → संदर्भ → मुख्य विषय → अनुलग्नक → हस्ताक्षर
★ EXAM TIP:
- "कार्यालयी पत्र का प्रारूप लिखो" — 5 अंकों का लेखन प्रश्न।
- "प्रेषक (Sender) और प्रेषिती (Addressee) में क्या अंतर है?" — 1-2 अंकों का प्रश्न।
- "अनुलग्नक (Enclosure) किसे कहते हैं?" — 1 अंक का प्रश्न।
📌 भाग 5 — विशेष दस्तावेज़ : अधिसूचना, परिपत्र और ज्ञापन
5.1 — अधिसूचना (Notification — Gazette Notification)
परिभाषा: सरकार द्वारा राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित वह आधिकारिक सूचना जो नियुक्ति, पदोन्नति, नए नियम, नीति परिवर्तन या परीक्षा तिथि आदि की जानकारी जन-सामान्य को देती है।
अधिसूचना कब जारी होती है?
- नई नियुक्ति/पदोन्नति
- नए नियम या अधिनियम लागू करना
- परीक्षा तिथियाँ घोषित करना
- किसी संस्था की स्थापना/विघटन
राजपत्र (Gazette) क्या होता है? राजपत्र (Gazette) सरकार का वह आधिकारिक प्रकाशन (अखबार) है जिसमें सरकार की सभी आधिकारिक घोषणाएँ, आदेश और अधिसूचनाएँ प्रकाशित होती हैं। भारत में इसे 'भारत का राजपत्र' (Gazette of India) कहते हैं।
अधिसूचना की भाषा: निष्पक्ष, तथ्यात्मक, तृतीय पुरुष में।
5.2 — परिपत्र (Circular)
परिभाषा: एक ही विषय पर एक साथ अनेक लोगों, विभागों या कार्यालयों को भेजी जाने वाली सूचना।
परिपत्र किन परिस्थितियों में जारी होता है?
- बैठक में लिए गए निर्णय को सभी तक पहुँचाने के लिए।
- किसी नई नीति या निर्देश को लागू करने के लिए।
- किसी पूर्व परिपत्र में संशोधन करने के लिए।
परिपत्र और अधिसूचना में 3 मूलभूत अंतर:
| आधार | अधिसूचना (Notification) | परिपत्र (Circular) |
|---|---|---|
| प्रकाशन | राजपत्र में | कार्यालय से सीधे |
| प्राप्तकर्ता | जन-सामान्य (आम जनता) | संस्था के अनेक कार्यालय/कर्मचारी |
| उद्देश्य | सार्वजनिक आधिकारिक घोषणा | आंतरिक या विभागीय सूचना |
5.3 — ज्ञापन (Memorandum / Memo)
परिभाषा: एक ही संस्था/विभाग के भीतर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच लिखा जाने वाला आंतरिक संदेश।
ज्ञापन में 'महोदय' और 'भवदीय' क्यों नहीं लिखते? क्योंकि ज्ञापन (Memorandum) एक ही संस्था के भीतर सहकर्मियों के बीच होता है। यह पूर्णतः औपचारिक बाहरी पत्र नहीं है, इसलिए संबोधन और समापन की औपचारिकताएँ नहीं निभाई जातीं — सीधे विषय पर आ जाते हैं।
📊 COMPARATIVE TABLE: अधिसूचना vs परिपत्र vs ज्ञापन
| आधार | अधिसूचना (Notification) | परिपत्र (Circular) | ज्ञापन (Memo) |
|---|---|---|---|
| प्रकाशन | राजपत्र में | कार्यालय से | कार्यालय के अंदर |
| प्राप्तकर्ता | जन-सामान्य | अनेक कार्यालय | एक ही संस्था के लोग |
| भाषा | तृतीय पुरुष | औपचारिक | सीधी / बिना सम्बोधन |
| उद्देश्य | आधिकारिक घोषणा | एक साथ सूचना देना | आंतरिक निर्देश |
| उदाहरण | परीक्षा तिथि घोषणा | सभी कार्यालयों को निर्देश | प्राचार्य का शिक्षकों को |
🧠 MNEMONIC: तीनों में अंतर याद रखने की Trick
"अधि = गज़ेट, परि = अनेक को, ज्ञा = अंदर को"
अधिसूचना → Gazette में जाती है
परिपत्र → अनेक कार्यालयों को जाता है
ज्ञापन → केवल अंदर (Internal) होता है
★ EXAM TIP: "परिपत्र और अधिसूचना में अंतर" — 5 अंकों का प्रश्न।
📌 भाग 6 — टिप्पणी लेखन (Noting / Note Writing)
परिभाषा (NCERT के अनुसार)
टिप्पणी (Noting) किसी विचाराधीन पत्र अथवा प्रकरण को निपटाने के लिए उस पर जो राय, मंतव्य, आदेश अथवा निर्देश दिया जाता है, वह टिप्पणी कहलाती है।
- टिप्पणी शब्द अंग्रेजी के Noting शब्द के अर्थ में प्रयुक्त होता है।
- टिप्पणी लिखने की प्रक्रिया को टिप्पण या Noting कहते हैं।
टिप्पणी के उद्देश्य (4 उद्देश्य)
- प्रकरण की जानकारी और तथ्यों का सारांश प्रस्तुत करना।
- संबंधित नियम-विनियमों का हवाला देते हुए अपना मत/राय देना।
- आगे की कार्यवाही का सुझाव देना।
- उच्च अधिकारी को निर्णय लेने में सहायता करना।
टिप्पणी के प्रकार
NCERT के अनुसार टिप्पणी मुख्यतः दो प्रकार की होती है —
1. मुख्य टिप्पणी (Noting / आरंभिक टिप्पणी)
- सहायक स्तर पर की गई प्रारंभिक टिप्पणी।
- विचाराधीन मामले का संक्षिप्त ब्यौरा देकर उसका विवेचन।
- नियमों-विनियमों का हवाला देते हुए अपनी राय।
- टिप्पणी के बाद सहायक अधिकारी दाईं ओर हस्ताक्षर करके अपने अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करता है।
2. आनुषंगिक टिप्पणी (Noting — Supplementary)
- जब मुख्य टिप्पणी अधिकारी के पास पहुँचती है तो वह अपना मंतव्य जोड़ता है।
- यदि पूरी तरह सहमत हो → केवल हस्ताक्षर या "मैं उपर्युक्त टिप्पणी से सहमत हूँ" लिखता है।
- यदि आंशिक सहमति/असहमति हो → कारण और तर्क के साथ अपनी टिप्पणी जोड़ता है।
- अधिकारी को अधीनस्थ की टिप्पणी काटने/बदलने का अधिकार नहीं — केवल अपनी सहमति/असहमति व्यक्त कर सकता है।
टिप्पणी में क्या-क्या शामिल होता है?
- संदर्भ (पत्र/प्रकरण का उल्लेख)
- तथ्यों का विवरण
- अधिकारी की राय/सुझाव
- अनुशंसित कार्यवाही
- हस्ताक्षर और दिनांक
टिप्पणी की भाषा कैसी होनी चाहिए?
- सदैव तृतीय पुरुष (Third Person) में।
- संक्षिप्त, विषय-संगत, तर्कसंगत और क्रमबद्ध।
- व्यक्तिगत आक्षेप, उपदेश या पूर्वाग्रहों के लिए कोई स्थान नहीं।
- भाषा संतुलित और शिष्ट होनी चाहिए।
📝 NCERT FORMAT BOX: मुख्य टिप्पणी का उदाहरण (पाठ्यपुस्तक से)
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मुख्य टिप्पणी (Noting)
यह टिप्पणी मुंबई स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक के उस
पत्र से संबंधित है जिसकी फा.संख्या मुंबई/का./5/2005 है और जो
दिनांक 15 मार्च, 2005 को भेजी गई है। पत्र में ये निदेशक ने
मोबाइल फोन के मासिक व्यय पर लगाई गई सीमा को दो हज़ार रुपए
से छह हज़ार रुपए तक बढ़ाए जाने का आग्रह किया है।
इस संदर्भ में महानिदेशालय द्वारा दिनांक 23 नवंबर, 2004 को
जारी परिपत्र पर ध्यान देना आवश्यक है जो इस फ़ाइल की पृष्ठ
संख्या 12 पर है। इस परिपत्र में खर्च की सीमा दो हज़ार रुपए
निर्धारित कर दी गई है और किसी भी परिस्थिति में किसी प्रकार की
छूट का प्रावधान नहीं है।
इस सिलसिले में कृपया इस फ़ाइल में इसी विषय पर की गई पहले
की टिप्पणी को देखें जो पृष्ठ संख्या 8/टिप्पण पर है। टिप्पणी को
पढ़ने से स्पष्ट है कि खर्च की सीमा का निर्धारण सभी पहलुओं पर
विचार करने के बाद सोच समझकर लिया गया है।
यह भी विचारणीय है कि खर्च की सीमा बोर्ड की स्वीकृति से
निर्धारित हुई है और बिना बोर्ड की अनुमति के इसमें किसी भी
प्रकार का बदलाव संभव नहीं है।
विचारार्थ प्रस्तुत
अनुभाग अधिकारी (ज्ञान प्रकाश)
सहायक
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📝 आनुषंगिक टिप्पणी का उदाहरण (NCERT से)
मैं ऊपर लिखी टिप्पणी से सहमत हूँ, साथ ही इस ओर भी ध्यान
दिलाना चाहूँगा कि मुंबई कार्यालय के निदेशक पिछले छह महीने से
निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करते रहे हैं, जो परिपत्र का
उल्लंघन है। चूँकि परिपत्र में किसी प्रकार की छूट का प्रावधान
नहीं है। अतः अतिरिक्त राशि निदेशक द्वारा देय होनी चाहिए।
यह राशि निदेशक के वेतन से काटी जा सकती है।
विचारार्थ
(जी. शंकर)
उपनिदेशक (प्रशासन) अनुभाग अधिकारी
टिप्पणी और पत्र में मूलभूत अंतर
- पत्र — बाहरी पक्षों को भेजा जाता है; टिप्पणी — फ़ाइल पर लिखी जाती है (आंतरिक)।
- पत्र में 'महोदय' और 'भवदीय' होता है; टिप्पणी में नहीं।
- पत्र स्वतंत्र दस्तावेज़ है; टिप्पणी फ़ाइल का अंग है।
स्वतः स्पष्ट टिप्पणी (U.O. Note — Unsigned Office Note)
जब कोई टिप्पणी फ़ाइल के ऊपर लिखकर स्वतंत्र रूप में भेजी जाती है (फ़ाइल के साथ नहीं) और यह अपने आप में संपूर्ण होती है, उसे स्वतः स्पष्ट टिप्पणी या Unsigned Office Note कहते हैं। इसके आरंभ में पृष्ठभूमि दी जाती है और अंत में स्वीकृति का अनुरोध होता है।
📊 TABLE: टिप्पणी के तत्त्व
| तत्त्व | क्या लिखते हैं? |
|---|---|
| संदर्भ | "श्री ___ का दिनांक ___ का पत्र क्र. ___" |
| तथ्य | प्रकरण से संबंधित तथ्यात्मक विवरण |
| नियम | "परिपत्र/नियम के अनुसार..." |
| राय | "उपरोक्त के संदर्भ में..." |
| सुझाव/कार्यवाही | "अतः ___ करना उचित होगा" |
| हस्ताक्षर | नाम, पद, दिनांक |
🧠 MNEMONIC: टिप्पणी के 5 तत्त्व
"सं.त.नि.रा.सु." — संदर्भ → तथ्य → नियम → राय → सुझाव
★ EXAM TIP:
- "टिप्पणी लेखन किसे कहते हैं?" — 2-3 अंकों का प्रश्न।
- "टिप्पणी और पत्र में अंतर" — 3 अंकों का प्रश्न।
- "एक टिप्पणी लिखो" — 5 अंकों का लेखन प्रश्न।
📌 भाग 7 — कार्यवृत्त और कार्य सूची (Minutes & Agenda)
कार्य सूची (Agenda / कार्यसूची)
परिभाषा: किसी भी संस्था की औपचारिक बैठक की कार्यसूची उस बैठक में चर्चा के लिए निर्धारित विषयों की अग्रिम जानकारी देती है। इससे बैठक के अनुशासित संचालन में सहायता मिलती है।
NCERT उदाहरण (पाठ्यपुस्तक से):
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अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति बोर्ड की
पचपनवीं बैठक की कार्यसूची
1. चौवनवीं बैठक के कार्यवृत्त की संपुष्टि
2. पिछली बैठकों के लिए किए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा
3. लेखकों, कलाकारों और विशेषज्ञों को दिए जाने वाले पारिश्रमिक की समीक्षा
4. संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की गुणवत्ता बढ़ाए जाने संबंधी प्रतिवेदन पर चर्चा
5. मोबाइल फोन पर होने वाले मासिक व्यय पर लगाई गई सीमा की समीक्षा
6. अध्यक्ष की अनुमति से किसी भी अन्य विषय पर विमर्श
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कार्यसूची की विशेषताएँ:
- निर्धारित विषयों से संबंधित स्वतः स्पष्ट टिप्पणियाँ अपने संलग्नकों (Enclosure) के साथ सदस्यों को कार्यसूची के साथ अग्रिम रूप से भेजी जानी चाहिए।
- उपस्थित व्यक्तियों के नाम पदानुसार दिए जाने चाहिए।
कार्यवृत्त (Minutes)
परिभाषा: किसी बैठक में रेखांकित कार्यों पर हुए विचार-विमर्श का संक्षिप्त विवरण कार्यवृत्त में प्रस्तुत किया जाता है।
NCERT उदाहरण (पाठ्यपुस्तक से):
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दिनांक 17 मई, 2005 को आयोजित अखिल भारतीय साहित्य
एवं संस्कृति बोर्ड की पचपनवीं बैठक का कार्यवृत्त
अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति बोर्ड की पचपनवीं बैठक
बोर्ड मुख्यालय के समिति कक्ष में दिनांक 17 मई, 2005 को संपन्न
हुई। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष श्री नरेंद्र देसाई ने की।
बैठक में भाग लेने वाले माननीय सदस्यों की सूची इस प्रकार है —
1. विंसेंट अब्राहम, मुख्य कार्यकारी
2. श्रीमती देविका घोषाल, सदस्य (वित्त)
3. श्री राजकुमार मीना, सदस्य (कार्मिक)
4. श्री मणिकांत मंडल, महानिदेशक
कार्रवाई के प्रारंभ में अध्यक्ष ने अपनी दक्षिण अफ्रीका यात्रा की
चर्चा करते हुए वहाँ की संस्कृति पर भूमंडलीकरण के प्रभावों का
ज़िक्र किया...
5. मोबाइल फोन पर होने वाले व्यय पर लगाई गई सीमा की समीक्षा
समिति ने इस मुद्दे पर विचार करते हुए संबंधित प्रस्ताव को
अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी।
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि बोर्ड की अगली बैठक
14 और 15 जुलाई, 2005 को बंगलौर में होगी।
(विष्णु सहाय)
उपमहानिदेशक (प्रशासन) महानिदेशक
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कार्यवृत्त की विशेषताएँ:
- क्रमशः उपस्थित लोगों की राय का पूरा विवरण दिया जाना चाहिए।
- उपस्थित व्यक्तियों के नाम पदानुसार।
- बैठक के अंत में बोर्ड सचिव और महानिदेशक के हस्ताक्षर।
★ EXAM TIP:
- "कार्यसूची (Agenda) क्या होती है?" — 2 अंकों का प्रश्न।
- "कार्यवृत्त (Minutes) किसे कहते हैं?" — 2-3 अंकों का प्रश्न।
- "विद्यालय पुरस्कार वितरण समारोह का कार्यवृत्त तैयार कीजिए।" — 5 अंकों का लेखन प्रश्न।
📌 भाग 8 — प्रेस विज्ञप्ति (Press Release)
परिभाषा
प्रेस विज्ञप्ति (Press Release) वह आधिकारिक वक्तव्य है जो कोई संस्था या सरकार मीडिया के माध्यम से जन-सामान्य तक पहुँचाती है।
NCERT के अनुसार विशेषताएँ:
- बैठक में लिए गए महत्त्वपूर्ण निर्णयों को जन-सामान्य तक पहुँचाने के लिए प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाती है।
- निर्णय में विलंब के कारण और उससे होने वाले लाभ के बारे में भी जानकारी दी जाती है।
★ EXAM TIP: "प्रेस विज्ञप्ति (Press Release) क्या होती है?" — 2 अंकों का प्रश्न।
✅ FINAL SECTION — QUICK REVISION BOX
10 One-Liner Facts (परीक्षा में सीधे लिखने योग्य)
- कार्यालयी पत्र में 10 अनिवार्य तत्त्व होते हैं।
- अर्धसरकारी पत्र (D.O. Letter) प्रथम पुरुष में लिखा जाता है।
- परिपत्र एक साथ अनेक कार्यालयों/लोगों को भेजा जाता है।
- अधिसूचना राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित होती है।
- ज्ञापन (Memorandum) में 'महोदय' और 'भवदीय' नहीं लिखते।
- अनुस्मारक का अर्थ है — पहले भेजे गए पत्र की याद दिलाना।
- प्रतिवेदन / टिप्पणी की भाषा तृतीय पुरुष में होती है।
- टिप्पणी (Noting) फ़ाइल पर लिखी जाती है।
- कार्यालयी भाषा की 6 प्रमुख विशेषताएँ हैं।
- कार्यालय आदेश (Office Order) का उपयोग आंतरिक व्यवस्था / स्थानांतरण / छुट्टी स्वीकृति के लिए होता है।
5 महत्त्वपूर्ण परिभाषाएँ (परीक्षा में लिखने योग्य)
1. कार्यालयी लेखन: वह लिखित संचार प्रक्रिया है जिसके द्वारा सरकारी, अर्धसरकारी अथवा संस्थागत कार्यालयों में आधिकारिक कार्यों के लिए नियमबद्ध, औपचारिक और उद्देश्यपूर्ण दस्तावेज़ तैयार किए जाते हैं।
2. परिपत्र (Circular): एक ही विषय पर एक साथ अनेक लोगों, विभागों या कार्यालयों को भेजी जाने वाली औपचारिक सूचना को परिपत्र कहते हैं।
3. अधिसूचना (Notification): सरकार द्वारा राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित वह आधिकारिक सूचना जो नियुक्ति, नए नियम, नीति परिवर्तन या परीक्षा तिथि आदि की जानकारी जन-सामान्य को देती है, अधिसूचना कहलाती है।
4. टिप्पणी (Noting): किसी विचाराधीन पत्र अथवा प्रकरण को निपटाने के लिए उस पर जो राय, मंतव्य, आदेश अथवा निर्देश दिया जाता है, वह टिप्पणी कहलाती है। यह सदैव तृतीय पुरुष में लिखी जाती है।
5. कार्यवृत्त (Minutes): किसी बैठक में रेखांकित कार्यों पर हुए विचार-विमर्श का संक्षिप्त और क्रमबद्ध लिखित विवरण कार्यवृत्त (Minutes) कहलाता है।
8 दस्तावेज़ों की Quick List
| # | नाम | English | एक-पंक्ति परिभाषा |
|---|---|---|---|
| 1 | सरकारी पत्र | Official Letter | एक विभाग द्वारा दूसरे को भेजा जाने वाला औपचारिक पत्र |
| 2 | अर्धसरकारी पत्र | D.O. Letter | दो अधिकारियों के बीच व्यक्तिगत स्तर पर लिखा जाने वाला सरकारी पत्र |
| 3 | अनुस्मारक | Reminder | पूर्व पत्र की याद दिलाने के लिए भेजा जाने वाला पत्र |
| 4 | ज्ञापन | Memorandum | एक ही संस्था के भीतर अधिकारियों के बीच आंतरिक संदेश |
| 5 | परिपत्र | Circular | एक साथ अनेक कार्यालयों को भेजी जाने वाली सूचना |
| 6 | अधिसूचना | Notification | राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक सरकारी घोषणा |
| 7 | विज्ञप्ति | Press Release | मीडिया के लिए जारी संस्थागत/सरकारी वक्तव्य |
| 8 | कार्यालय आदेश | Office Order | आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्था के लिए जारी आदेश |
कार्यालयी पत्र के 10 तत्त्वों की Quick List (क्रम से)
- पत्र क्रमांक (File Number)
- कार्यालय का नाम और पता (Letterhead)
- दिनांक (Date)
- प्रेषक (Sender)
- प्रेषिती (Addressee)
- विषय (Subject)
- संदर्भ (Reference)
- मुख्य विषय-वस्तु (Body)
- अनुलग्नक (Enclosure)
- हस्ताक्षर और नाम-पद (Signature)
पूरे अध्याय के सभी Mnemonics की Summary List
| किसके लिए? | Mnemonic |
|---|---|
| कार्यालयी लेखन | "कार्य-आ-ले" = कार्यवाही के लिए आधिकारिक लेखन |
| 6 विशेषताएँ | "स.सं.शु.औ.ए.शि." (स्प., सं., शु., औ., ए., शि.) |
| 8 प्रकार | "सर अर्ध अनु ज्ञा परि अधि विज्ञ का" |
| 10 तत्त्व | "पत्र का दिन प्रे.प्रे.वि.सं.मु.अनु.ह." |
| तीनों दस्तावेज़ | "अधि=गज़ेट, परि=अनेक को, ज्ञा=अंदर को" |
| टिप्पणी के 5 तत्त्व | "सं.त.नि.रा.सु." |
📌 अंतिम याद: "भाषा की शुद्धता, स्पष्टता और संक्षिप्तता — यही तीन कार्यालयी लेखन के प्राण हैं।" — NCERT, अभिव्यक्ति और माध्यम, अध्याय 14