📚 NCERT अभिव्यक्ति और माध्यम
अध्याय 10 — कथा-पटकथा
कक्षा 11 | सम्पूर्ण TOP-LEVEL NOTES
❝ पटकथा कुछ और नहीं — कैमरे से फ़िल्म के परदे पर दिखाए जाने के लिए लिखी हुई कथा है। — मनोहर श्याम जोशी (पटकथा लेखक, पत्रकार एवं साहित्यकार)
📌 भाग 1 — पटकथा : अर्थ, परिभाषा और व्युत्पत्ति
① व्युत्पत्ति (Word Analysis)
| शब्द | अर्थ | विस्तार |
|---|---|---|
| 'पट' | परदा (Screen) | सिनेमा का बड़ा परदा हो या TV का छोटा परदा — दोनों 'पट' हैं |
| 'कथा' | कहानी (Story) | किसी घटना या चरित्र का क्रमबद्ध विवरण |
| 'पटकथा' | Screenplay / Script | वह कथा जो परदे पर दिखाई जाए — पट + कथा = पटकथा |
② परिभाषा (Definition)
मनोहर श्याम जोशी के अनुसार: "पटकथा कुछ और नहीं — कैमरे से फ़िल्म के परदे पर दिखाए जाने के लिए लिखी हुई कथा है।"
अर्थात: पटकथा वह लिखित रचना है जिसे कैमरे के माध्यम से परदे पर साकार किया जाता है। इसमें हर दृश्य, संवाद, पात्र की गतिविधि — सब कुछ पहले से लिखा होता है।
③ पटकथा का उपयोग कहाँ-कहाँ?
- सिनेमा (Cinema) — फ़िल्मों के लिए लंबी, विस्तृत पटकथा।
- TV धारावाहिक (Television Serial) — प्रत्येक एपिसोड के लिए अलग पटकथा।
- OTT प्लेटफ़ॉर्म (Netflix, Amazon Prime, Hotstar) — Web Series की पटकथा।
- डॉक्यूमेंट्री फ़िल्में — वास्तविक घटनाओं पर आधारित।
④ पटकथा से किसे क्या मिलता है?
| व्यक्ति / विभाग | पटकथा से मिलने वाली जानकारी |
|---|---|
| निर्देशक (Director) | शूटिंग की योजना, दृश्य-क्रम, घटनास्थल |
| अभिनेता (Actor) | अपनी भूमिका की बारीकियाँ और संवाद |
| कैमरामैन | किस कोण से, कहाँ, क्या शूट करना है |
| साउंड रिकॉर्डिस्ट | ध्वनि-रिकॉर्डिंग की तैयारी |
| आर्ट डायरेक्टर | सेट-डिजाइन और लोकेशन की जानकारी |
| प्रोडक्शन मैनेजर | बजट, समय और संसाधन-नियोजन |
★ English में: पटकथा को Screenplay या Script कहते हैं।
🧠 MNEMONIC — भाग 1: PaT + KaTha = परदे की कहानी = पटकथा 👉 'परदे की कहानी' = पटकथा — बस इतना याद रखो!
★ EXAM TIP: 'पटकथा' शब्द की व्युत्पत्ति और मनोहर श्याम जोशी की परिभाषा — 2 अंकों का प्रश्न।
📌 भाग 2 — पटकथा के स्रोत (Sources of Screenplay)
किसी भी फ़िल्म या धारावाहिक बनाने के लिए सबसे पहले चाहिए — कथा (Story)। यह कथा निम्न 6 प्रमुख स्रोतों से मिल सकती है —
1. स्वयं के अनुभव (Personal Experience) → लेखक के अपने जीवन या आसपास की ज़िंदगी में घटी कोई घटना। जैसे — किसी पारिवारिक समस्या या सामाजिक अनुभव पर आधारित कहानी।
2. अखबार में छपी खबरें (News Stories) → समाचारपत्र की कोई रोमांचक या मार्मिक खबर फ़िल्म का आधार बन सकती है। अपराध, घोटाले, मानवीय कहानियाँ — सब कुछ।
3. कल्पनाशक्ति से उपजी कहानी (Imagination) → लेखक के मन में उठी कोई मौलिक कल्पना — पूरी तरह काल्पनिक दुनिया, पात्र, घटनाएँ।
4. इतिहास के पात्र/घटनाएँ (History) → ऐतिहासिक घटनाएँ या महान व्यक्तित्व — जैसे भगत सिंह, महाराणा प्रताप आदि पर बनी फ़िल्में।
5. साहित्य की अन्य विधाएँ (Other Literary Forms) → उपन्यास, कहानी, नाटक आदि → पटकथा। शरत्चंद्र चट्टोपाध्याय का 'देवदास' → फ़िल्म; मुंशी प्रेमचंद, फणीश्वरनाथ रेणु, मन्नू भंडारी → TV धारावाहिक।
6. सच्चे किस्से (True Stories) → वास्तविक जीवन की सच्ची और प्रेरणादायक घटनाएँ। जैसे — किसी खिलाड़ी या सामाजिक कार्यकर्ता की जीवनी।
📊 पटकथा के स्रोत — सारांश तालिका:
| स्रोत (हिंदी) | English नाम | भारतीय उदाहरण |
|---|---|---|
| स्वयं के अनुभव | Personal Experience | निजी ज़िंदगी से प्रेरित अनेक फ़िल्में |
| समाचार/खबरें | News Stories | 'No One Killed Jessica' — सच्ची अखबारी खबर |
| कल्पना | Imagination | 'Koi Mil Gaya', 'PK' — कल्पनाशील कहानियाँ |
| इतिहास | History | 'Mangal Pandey', 'Lagaan' — ऐतिहासिक पृष्ठभूमि |
| साहित्य की अन्य विधाएँ | Other Literary Forms | देवदास (उपन्यास → फ़िल्म); रजनी (TV धारावाहिक) |
| सच्चे किस्से | True Stories | 'Bhaag Milkha Bhaag', 'Mary Kom' — जीवनी पर आधारित |
🧠 MNEMONIC — 6 स्रोत (SIIKSS): S = Swayam ke Anubhav | I = Itihāsik Ghatnaen | I = Imagination (Kalpna) K = Khabrein (Akhbar) | S = Sahitya ki Vidhayein | S = Sacche Kisse 👉 'SIIKSS' = 6 sources! बस याद करो।
★ EXAM TIP: 'पटकथा के किन्हीं 4 स्रोतों का उल्लेख कीजिए' — 4 अंकों का प्रश्न। उदाहरण देना न भूलें।
📌 भाग 3 — नाटक और फ़िल्म/TV पटकथा में अंतर
पाठ्यपुस्तक के अनुसार फ़िल्म/TV की पटकथा की संरचना नाटक की संरचना से बहुत मिलती-जुलती है — दोनों में पात्र, नायक (Protagonist), प्रतिनायक (Antagonist), दृश्य (Scene), द्वंद्व-टकराहट और समाधान होते हैं। लेकिन 5 मूलभूत अंतर भी हैं —
1. दृश्यों की लंबाई
- नाटक: दृश्य अपेक्षाकृत लंबे होते हैं।
- फ़िल्म/TV: दृश्य छोटे-छोटे होते हैं — ताकि दर्शक बोर न हों।
2. घटनास्थल (Location)
- नाटक: आमतौर पर सीमित घटनास्थल — मंच की सीमा।
- फ़िल्म/TV: कोई सीमा नहीं — हर दृश्य किसी नए स्थान पर हो सकता है।
3. कथा का विकास (Narrative Style)
- नाटक: कथा 'Linear (एकरेखीय)' — एक ही दिशा में आगे बढ़ती है।
- फ़िल्म/TV: Flashback (अतीत-दर्शन) और Flash Forward (भविष्य-दर्शन) तकनीकों का स्वतंत्र उपयोग।
4. समय (Time Span)
- नाटक: एक निश्चित अवधि में सीमित। पात्र, दृश्य, चरित्रों की संख्या सीमित रखनी पड़ती है।
- फ़िल्म/TV: शूटिंग 2 दिन से लेकर 2 साल तक, अलग-अलग स्थानों पर।
5. माध्यम की प्रकृति
- नाटक: सजीव कला माध्यम (Live Performance) — अभिनेता सामने, सब कुछ उसी वक्त।
- फ़िल्म/TV: पूर्व रिकॉर्डेड (Pre-recorded) छवियाँ एवं ध्वनियाँ।
📊 तुलनात्मक सारांश तालिका:
| आधार | नाटक (Play) | फ़िल्म/TV पटकथा (Screenplay) |
|---|---|---|
| दृश्य की लंबाई | अपेक्षाकृत लंबे | छोटे-छोटे |
| घटनास्थल | सीमित (मंच-सीमित) | असीमित (हर जगह) |
| कथा-विकास | Linear (एकरेखीय) | Flashback / Flash Forward |
| समय | सीमित अवधि | 2 दिन से 2 साल |
| माध्यम की प्रकृति | सजीव (Live) | रिकॉर्डेड (Pre-recorded) |
| उदाहरण | मोहन राकेश — 'आषाढ़ का एक दिन' | 'देवदास' फ़िल्म, 'रजनी' धारावाहिक |
🧠 MNEMONIC — 5 अंतर (DLTSM): D = Drishya ki Lambai | L = Location | T = Time S = Story/Narrative | M = Madhyam ki Prakriti 👉 'DLTSM' = 5 differences! आसानी से याद।
★ EXAM TIP: नाटक और फ़िल्म/TV पटकथा में अंतर — 5 अंकों का प्रश्न। तालिका सहित लिखो।
📌 भाग 4 — फ्लैशबैक और फ्लैश फ़ॉरवर्ड (Flashback & Flash Forward)
ये दो ऐसी तकनीकें हैं जो फ़िल्म/TV को नाटक से अलग बनाती हैं और कथा को रोचक व जीवंत बनाती हैं।
① फ्लैशबैक (Flashback — अतीत-दर्शन)
परिभाषा: "जब वर्तमान कथा के बीच में किसी पात्र को उसके अतीत की कोई घटना याद आती है और उसे परदे पर दिखाया जाता है।"
📖 NCERT का उदाहरण — 'गूँगे' (रांगेय राघव की कहानी पर फ़िल्म):
- वर्तमान दृश्य: चमेली सड़क पर घायल गूँगे को देखती है।
- FLASHBACK आरंभ: चमेली को वह दिन याद आता है जब पागलखाने में पहली बार गूँगे से मुलाकात हुई थी।
- अतीत के दृश्य दिखाए जाते हैं (पागलखाने का दृश्य)।
- वर्तमान में वापसी: फ्लैशबैक समाप्त — वापस सड़क के दृश्य पर।
- ⚠️ महत्त्वपूर्ण: Flashback के बाद वर्तमान में वापस आना अनिवार्य है।
② फ्लैश फ़ॉरवर्ड (Flash Forward — भविष्य-दर्शन)
परिभाषा: "जब वर्तमान कथा के बीच में भविष्य में होने वाली किसी घटना को पहले दिखा दिया जाए।"
📖 NCERT का उदाहरण — 'अंडे के छिलके' (मोहन राकेश के नाटक का पटकथा रूपांतरण):
- वर्तमान दृश्य: वीना घर में अंडा फ्राइंगपैन में डालकर हलुआ बनाना शुरू करती है।
- FLASH FORWARD: उसी समय — घर के बाहर जमुना देवी रिक्शे से उतरकर पैसे दे रही है।
- दोनों घटनाएँ एक ही समय पर, अलग-अलग स्थानों पर दिखाई जाती हैं।
- वर्तमान में वापसी: वीना का हलुआ लगभग बन चुका, जमुना देवी घर के अंदर घुस रही हैं।
- ⚠️ महत्त्वपूर्ण: Flash Forward के बाद भी वर्तमान में लौटना जरूरी है।
📊 फ्लैशबैक vs फ्लैश फ़ॉरवर्ड — तुलना तालिका:
| आधार | Flashback (फ्लैशबैक) | Flash Forward (फ्लैश फ़ॉरवर्ड) |
|---|---|---|
| दिशा | अतीत की ओर (Past) | भविष्य की ओर (Future) |
| अर्थ | अतीत-दर्शन | भविष्य-दर्शन |
| प्रयोजन | पात्र का अनुभव/याद दिखाना | आने वाली घटना का पूर्वाभास |
| NCERT उदाहरण | 'गूँगे' (रांगेय राघव) | 'अंडे के छिलके' (मोहन राकेश) |
| वापसी | वर्तमान में लौटना अनिवार्य | वर्तमान में लौटना अनिवार्य |
🧠 MNEMONIC — Flashback vs Flash Forward: F-BACK = वापस जाओ (Past) | F-FORWARD = आगे देखो (Future) 👉 Back = Past (पीछे), Forward = Future (आगे) — सरल!
★ EXAM TIP: 'फ्लैशबैक और फ्लैश फ़ॉरवर्ड में अंतर' + NCERT उदाहरण सहित = 4–5 अंक।
📌 भाग 5 — दृश्य (Scene) : पटकथा की मूल इकाई
पटकथा की मूल इकाई (Basic Unit) = दृश्य (Scene)
दृश्य की परिभाषा (NCERT): "एक स्थान पर, एक ही समय में, लगातार चल रहे कार्य-व्यापार के आधार पर एक दृश्य निर्मित होता है।"
दृश्य कब बदलता है? — 3 शर्तें:
| शर्त | क्या बदले? | उदाहरण |
|---|---|---|
| शर्त 1 | स्थान (Location) बदले | रजनी का फ्लैट → हेडमास्टर का कमरा = नया दृश्य |
| शर्त 2 | समय (Time) बदले | दोपहर → शाम / अगला दिन = नया दृश्य |
| शर्त 3 | कार्य-व्यापार (Action) बदले | वही जगह, वही समय — पर घटना बदल गई = नया दृश्य |
⚠️ महत्त्वपूर्ण: तीनों में से कोई एक भी बदले — दृश्य बदल जाता है।
📖 NCERT उदाहरण — 'रजनी' धारावाहिक:
| दृश्य संख्या | घटनास्थल | समय | क्या बदला? |
|---|---|---|---|
| दृश्य-एक | रजनी का फ्लैट (लीला बेन से बात) | दोपहर | — (पहला दृश्य) |
| दृश्य-दो | स्कूल — हेडमास्टर का कमरा | अगला दिन | स्थान + समय दोनों |
| दृश्य-तीन | रजनी का फ्लैट | शाम | समय बदला |
| दृश्य-तीन क | वही जगह | कुछ देर बाद | कार्य-व्यापार बदला |
फ़िल्म/TV का विशेष फायदा: एक ही समय-खंड में अलग-अलग स्थानों पर क्या घटित हो रहा है, दोनों एक साथ दिखाया जा सकता है — नाटक में यह संभव नहीं।
🧠 MNEMONIC — दृश्य की 3 शर्तें (STA): S = Sthan (स्थान) | T = Time (समय) | A = Action (कार्य-व्यापार) 👉 'STA बदले = Scene बदले!' — बस इतना!
★ EXAM TIP: 'दृश्य कब बदलता है?' — 3 अंक। 'दृश्य की परिभाषा' — 2 अंक।
📌 भाग 6 — पटकथा लेखन का प्रारूप (Screenplay Format)
यह अध्याय का सबसे व्यावहारिक भाग है। पटकथा लिखते समय हमेशा निम्न 6 तत्त्वों का क्रम में उपयोग किया जाता है —
1. दृश्य संख्या (Scene Number) → हर दृश्य को क्रम संख्या दी जाती है। जैसे — दृश्य-एक, दृश्य-दो, दृश्य-चार आदि।
2. घटनास्थल/लोकेशन (Location) → दृश्य की जगह — कौन सा कमरा, पार्क, रेलवे-स्टेशन, शहर।
3. समय (Time) → दृश्य का समय — दिन / रात / सुबह / शाम।
4. INT. या EXT. → INT. (Interior — अंदर): घर के अंदर, कमरे में, दुकान के अंदर। → EXT. (Exterior — बाहर): सड़क पर, बगीचे में, खुले मैदान में। (ये सूचनाएँ आमतौर पर अंग्रेजी में लिखी जाती हैं।)
5. Stage Direction / दृश्य-विवरण (Scene Description) → दृश्य का वातावरण, पात्रों की स्थिति, कार्य-व्यापार — कोष्ठक ( ) में लिखा जाता है।
6. संवाद (Dialogue) → पात्र का नाम BOLD में; उसके नीचे या बाजू में संवाद। कार्य करते हुए बोले तो वह क्रिया भी ( ) में।
⚙️ तकनीकी संकेत (Technical Marks / Transitions):
| संकेत | English | अर्थ/उपयोग |
|---|---|---|
| कट टू | Cut To | एक दृश्य से दूसरे पर तुरंत/अचानक जाना |
| डिज़ॉल्व टू | Dissolve To | एक दृश्य धीरे-धीरे दूसरे में मिल जाता है |
| फ़ेड आउट | Fade Out | दृश्य धीरे-धीरे अंधेरे में गायब हो जाता है — आमतौर पर अंत में |
📝 पटकथा लेखन का मानक प्रारूप (Standard Format):
दृश्य-___
[घटनास्थल] / [समय: दिन/रात/सुबह/शाम] / [INT. या EXT.]
([Stage Direction — वातावरण, पात्रों की गतिविधि का विवरण])
[पात्र का नाम] : ([क्रिया]) संवाद।
[दूसरे पात्र का नाम] : ([क्रिया]) संवाद।
कट टू / डिज़ॉल्व टू / फ़ेड आउट
📖 NCERT प्रारूप उदाहरण — 'रजनी' धारावाहिक (दृश्य-चार):
दृश्य-चार शिक्षा अधिकारी का दफ़्तर (बाहरी कक्ष) / दिन / INT. (अंदर)
(शिक्षा अधिकारी के कमरे के बाहर उसके नाम और पद की तख्ती लगी है। एक स्टूल पर चपरासी बैठा है। सामने की बेंच पर रजनी और तीन-चार लोग और बैठे हैं — प्रतीक्षारत। रजनी के चेहरे से बेचैनी टपक रही है। बार-बार अपनी कलाई में बँधी घड़ी देखती है, मिलने का समय समाप्त होता जा रहा है।)
रजनी : (चपरासी से) कितनी देर और बैठना होगा?
चपरासी : हम क्या बोलेगा... जब साहब घंटी मारेगा, ...बुलाएगा। तभी तो ले जाएगा। बहुत बिज़ी रहता न साहब।
रजनी : (अपने में ही भुनभुनाते हुए) यह तो लोगों से मिलने का समय है, न जाने किसमें बिज़ी बनकर बैठ जाते हैं।
(चपरासी दूसरी तरफ़ देखने लगता है।)
कट टू
📊 पटकथा के 6 तत्त्व + तकनीकी संकेत — सारांश तालिका:
| तत्त्व | क्या लिखते हैं? | NCERT उदाहरण |
|---|---|---|
| दृश्य संख्या | दृश्य-चार, दृश्य-पाँच | दृश्य-चार |
| घटनास्थल | शिक्षा अधिकारी का दफ़्तर | शिक्षा अधिकारी का दफ़्तर (बाहरी कक्ष) |
| समय | दिन/रात/सुबह/शाम | दिन |
| INT./EXT. | अंदर (INT.) / बाहर (EXT.) | INT. (अंदर) |
| Stage Direction | ( ) में वातावरण | (रजनी के चेहरे से बेचैनी टपक रही है...) |
| संवाद | पात्र : बोली | रजनी : कितनी देर और बैठना होगा? |
| तकनीकी संकेत | Cut To / Dissolve To / Fade Out | कट टू |
🧠 MNEMONIC — 6 तत्त्व (DGSIDS): D = Drishya Sankhya | G = Ghatanasthal | S = Samay I = INT./EXT. | D = Direction (Stage) | S = Samvad 👉 'DGSIDS' = याद हो गया!
★ EXAM TIP:
- 'INT. और EXT. का अर्थ' → 1–2 अंक
- 'Cut To और Dissolve To में अंतर' → 2 अंक
- 'एक दृश्य लिखो' → 5 अंकों का लेखन प्रश्न
📌 भाग 7 — पटकथा और कंप्यूटर
- आज कंप्यूटर पर ऐसे Screenplay Software उपलब्ध हैं जिनमें पटकथा लेखन का प्रारूप पहले से बना-बनाया (Pre-formatted) होता है।
- ये software लेखक को सही प्रारूप में लिखने में मदद करते हैं — दृश्य संख्या, घटनास्थल, संवाद सब अपने-अपने स्थान पर।
- ये software यह भी बता सकते हैं कि पटकथा में कहाँ-कहाँ गड़बड़ी है और उसे सुधारने के सुझाव भी दे सकते हैं।
- सिनेमा या TV के कार्यक्रमों के निर्माण में कई तकनीकी चीजों का सहारा लेना पड़ता है — ये software उसी का हिस्सा हैं।
★ महत्त्वपूर्ण बात (NCERT का मत): पटकथा software के सुझाव मानना या न मानना — यह पूरी तरह लेखक की सूझबूझ और इच्छा पर निर्भर करता है। कंप्यूटर सिर्फ सहायक है, निर्णायक नहीं। लेखक की रचनात्मकता और कल्पनाशक्ति सर्वोपरि है।
🧠 MNEMONIC — कंप्यूटर और पटकथा: 👉 'FORMAT बनाता है, FINAL DECISION नहीं' — कंप्यूटर आपका सहायक है, गुरु नहीं।
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अध्याय 10 — कथा-पटकथा | परीक्षा में सीधे काम आने वाली सामग्री
① 10 One-Liner Facts (परीक्षा में सीधे लिखें)
- 'पटकथा' शब्द 'पट' (परदा/Screen) और 'कथा' (कहानी) से बना है।
- English में पटकथा को Screenplay या Script कहते हैं।
- पटकथा की मूल इकाई दृश्य (Scene) है।
- दृश्य स्थान, समय या कार्य-व्यापार में से कोई एक बदलने पर बदल जाता है।
- फ्लैशबैक = अतीत-दर्शन; फ्लैश फ़ॉरवर्ड = भविष्य-दर्शन।
- INT. = Interior (अंदर); EXT. = Exterior (बाहर) — पटकथा में अनिवार्य संकेत।
- Cut To = तुरंत दृश्य बदलना; Dissolve To = धीरे-धीरे; Fade Out = अंधेरे में लुप्त होना।
- नाटक की कथा Linear होती है; फ़िल्म में Flashback/Flash Forward संभव है।
- पटकथा के 6 स्रोत हैं — अनुभव, खबरें, कल्पना, इतिहास, साहित्य, सच्चे किस्से।
- पटकथा software सहायक है — मानना न मानना लेखक की इच्छा पर निर्भर।
② 5 महत्त्वपूर्ण परिभाषाएँ
▶ पटकथा (Screenplay/Script): वह लिखित रचना जो कैमरे के माध्यम से परदे पर दिखाई जाती है। 'पट' (परदा) + 'कथा' (कहानी) = पटकथा।
▶ दृश्य (Scene): एक स्थान पर, एक ही समय में, लगातार चल रहे कार्य-व्यापार के आधार पर निर्मित पटकथा की मूल इकाई।
▶ फ्लैशबैक (Flashback — अतीत-दर्शन): जब वर्तमान कथा के बीच किसी पात्र के अतीत की घटना को परदे पर दिखाया जाए।
▶ फ्लैश फ़ॉरवर्ड (Flash Forward — भविष्य-दर्शन): जब वर्तमान कथा के बीच भविष्य में होने वाली किसी घटना को पहले दिखा दिया जाए।
▶ INT./EXT.: Interior (INT.) = बंद/अंदर की जगह; Exterior (EXT.) = खुला/बाहर का स्थान — यह दृश्य-विवरण में अनिवार्य संकेत है।
③ तकनीकी संकेतों की Quick List
| संकेत (हिंदी) | English | अर्थ एवं उपयोग |
|---|---|---|
| अंदर | INT. (Interior) | घर, कमरा, दुकान आदि बंद जगह के दृश्य |
| बाहर | EXT. (Exterior) | सड़क, बगीचा, मैदान आदि खुली जगह के दृश्य |
| कट टू | Cut To | एक दृश्य से दूसरे दृश्य पर तुरंत जाना |
| डिज़ॉल्व टू | Dissolve To | एक दृश्य धीरे-धीरे दूसरे में मिल जाता है |
| फ़ेड आउट | Fade Out | दृश्य धीरे-धीरे काले अंधेरे में गायब — अंत में |
| फ्लैशबैक | Flashback | अतीत-दर्शन — वर्तमान से अतीत में जाना |
| फ्लैश फ़ॉरवर्ड | Flash Forward | भविष्य-दर्शन — वर्तमान से भविष्य में झाँकना |
④ सभी Mnemonics की Summary List
| भाग | Mnemonic / Trick |
|---|---|
| भाग 1 (पटकथा-अर्थ) | PaT + KaTha = परदे की कहानी = पटकथा |
| भाग 2 (6 स्रोत) | SIIKSS = Swayam + Itihās + Imagination + Khabrein + Sahitya + Sacche kisse |
| भाग 3 (5 अंतर) | DLTSM = Drishya + Location + Time + Story + Madhyam |
| भाग 4 (Flashback/FF) | F-BACK = Past (पीछे) |
| भाग 5 (Scene की 3 शर्तें) | STA = Sthan + Time + Action — कोई एक बदले = Scene बदले |
| भाग 6 (6 Format Elements) | DGSIDS = Drishya + Ghatanasthal + Samay + INT/EXT + Direction + Samvad |
| भाग 7 (Computer) | FORMAT बनाता है, FINAL DECISION नहीं — लेखक की इच्छा सर्वोपरि |
❝ पटकथा कुछ और नहीं — कैमरे से फ़िल्म के परदे पर दिखाए जाने के लिए लिखी हुई कथा है। — मनोहर श्याम जोशी ✅ यह उद्धरण परीक्षा में उत्तर के आरंभ या अंत में अवश्य लिखें।