हिंदी कार्यपत्रक - अपठित बोध (कक्षा 8)
अध्याय 1 — स्वदेश
अपठित गद्यांश (प्रकृति संरक्षण और जलवायु परिवर्तन)
"इक्कीसवीं सदी में मानव सभ्यता सबसे बड़े संकट का सामना कर रही है। जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण और जल संकट ने पूरी धरती को खतरे में डाल दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो आने वाली पीढ़ियाँ इस ग्रह पर जीवनयापन करने में असमर्थ होंगी। हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। छोटे-छोटे प्रयास जैसे पेड़ लगाना, प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करना और ऊर्जा की बचत करना — ये सब मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं।"
(क) इक्कीसवीं सदी में मानव सभ्यता किस संकट का सामना कर रही है?[1 अंक]
उत्तर देखें
इक्कीसवीं सदी में मानव सभ्यता जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण और जल संकट जैसे गंभीर पर्यावरणीय संकटों का सामना कर रही है।
(ख) वैज्ञानिकों की चेतावनी क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
वैज्ञानिकों की चेतावनी है कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो आने वाली पीढ़ियाँ इस ग्रह पर जीवनयापन करने में असमर्थ होंगी।
(ग) पर्यावरण संरक्षण में व्यक्तिगत जिम्मेदारी क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और छोटे-छोटे प्रयास जैसे पेड़ लगाना, प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करना और ऊर्जा की बचत करना आवश्यक है।
(घ) 'ऊर्जा की बचत' से आप क्या समझते हैं?[1 अंक]
उत्तर देखें
'ऊर्जा की बचत' का अर्थ है बिजली, पानी और ईंधन जैसी संसाधनों का सीमित और सोच-समझकर उपयोग करना ताकि भविष्य में इनकी कमी न हो।
(ङ) गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
उपयुक्त शीर्षक: "पर्यावरण संकट और हमारी जिम्मेदारी" अथवा "धरती को बचाना हमारा कर्तव्य"।
अपठित पद्यांश (संघर्ष और आत्मविश्वास)
"अँधेरा घना हो, रात कठिन हो, मंज़िल दूर हो, रास्ता दुर्गम हो। फिर भी चलना है, रुकना नहीं, हार मानना नहीं, संघर्ष करना है। जो टूटकर बिखर गए, उन्होंने फिर से जुटकर नया रूप बनाया। यही जीवन है, यही संघर्ष है, यही विजय है।"
(क) कवि किन परिस्थितियों में चलने की प्रेरणा दे रहा है?[1 अंक]
उत्तर देखें
कवि अँधेरे, कठिन रात, दूर मंज़िल और दुर्गम रास्ते जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी चलने की प्रेरणा दे रहा है।
(ख) 'टूटकर बिखरना' और 'फिर से जुटना' किसका प्रतीक है?[1 अंक]
उत्तर देखें
'टूटकर बिखरना' और 'फिर से जुटना' जीवन में असफलता के बाद पुनः प्रयास करने और नए सिरे से शुरुआत करने की भावना का प्रतीक है।
(ग) इस काव्यांश का मुख्य संदेश क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
इस काव्यांश का मुख्य संदेश यह है कि कठिनाइयों के बावजूद हार नहीं माननी चाहिए और संघर्ष करते रहना ही असली विजय है।
(घ) 'दुर्गम' शब्द का विलोम लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
'दुर्गम' का विलोम है 'सुगम'।
(ङ) काव्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक दीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
उपयुक्त शीर्षक: "संघर्ष ही विजय" अथवा "हार न मानो"।
अध्याय 2 — दो गौरैया
अपठित गद्यांश 1
"आधुनिक युग में तकनीक ने हमारे जीवन को सुगम बना दिया है, परंतु इसके साथ ही प्रकृति से हमारा जुड़ाव कम होता जा रहा है। कंक्रीट के जंगलों ने पक्षियों के बसेरे छीन लिए हैं। गौरैया, जो कभी हमारे घरों की आंगन की शोभा हुआ करती थी, आज विलुप्ति के कगार पर है। मोबाइल टावरों से निकलने वाला विकिरण, कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग और शहरीकरण ने इनकी संख्या में भारी गिरावट ला दी है।"
(क) आधुनिक युग में प्रकृति से जुड़ाव कम होने का मुख्य कारण क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
आधुनिक युग में तकनीक की अधिकता और शहरीकरण के कारण मनुष्य का प्रकृति से जुड़ाव कम हो गया है।
(ख) 'कंक्रीट के जंगल' से लेखक का क्या आशय है?[1 अंक]
उत्तर देखें
'कंक्रीट के जंगल' से लेखक का आशय शहरों में बढ़ती हुई बड़ी इमारतों और सीमेंट के निर्माणों से है, जहाँ पेड़ों और प्राकृतिक हरियाली का अभाव है।
(ग) गौरैया की संख्या कम होने के दो प्रमुख कारण लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
1. मोबाइल टावरों से निकलने वाला विकिरण, 2. खेती में कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग।
(घ) सतत विकास की सही परिभाषा क्या होनी चाहिए?[1 अंक]
उत्तर देखें
सतत विकास का अर्थ केवल भौतिक उन्नति करना नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर और प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करते हुए विकास करना है।
(ङ) गद्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक दीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
उपयुक्त शीर्षक: "प्रकृति और गौरैया" अथवा "संकट में नन्हीं गौरैया"।
अपठित काव्यांश
"चिड़िया को मिलता है दाना, तिनका-तिनका जोड़ बनाना। आँधी आए या तूफान, वह कभी न तजती अपना स्थान। मेहनत उसकी पूँजी भारी, हार न मानती वह बेचारी। मनुष्य अगर यह सीख ले पाए, जग की बाधा दूर भगाए।"
(क) चिड़िया की 'पूँजी' क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
चिड़िया की पूँजी उसकी 'मेहनत' है।
(ख) चिड़िया हमें किसका संदेश देती है?[1 अंक]
उत्तर देखें
चिड़िया हमें विपरीत परिस्थितियों (आँधी-तूफान) में धैर्य न खोने का संदेश देती है।
(ग) 'तिनका-तिनका जोड़ना' किसका प्रतीक है?[1 अंक]
उत्तर देखें
'तिनका-तिनका जोड़ना' निरंतर प्रयास और संचय का प्रतीक है।
(घ) मनुष्य चिड़िया से क्या सीख सकता है?[1 अंक]
उत्तर देखें
मनुष्य अपनी बाधाएं दृढ़ संकल्प और परिश्रम से दूर कर सकता है।
(ङ) काव्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक दीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
शीर्षक: "परिश्रमी चिड़िया"
अपठित गद्यांश (सतत विकास)
"सतत विकास का अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं है। इसका अर्थ है — आज की जरूरतों को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों को भी ध्यान में रखना। हमें समझना होगा कि प्रकृति का हर अंग हमारे जीवन से जुड़ा है। वृक्ष, नदियाँ, पशु-पक्षी — ये सब एक दूसरे पर निर्भर हैं। एक का नुकसान सबका नुकसान है।"
(क) सतत विकास का वास्तविक अर्थ क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
सतत विकास का अर्थ आज की जरूरतों को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों को भी ध्यान में रखना है।
(ख) प्रकृति के अंग आपस में किस प्रकार जुड़े हैं?[1 अंक]
उत्तर देखें
वृक्ष, नदियाँ, पशु-पक्षी — ये सब एक दूसरे पर निर्भर हैं और एक का नुकसान सबका नुकसान है।
(ग) 'एक का नुकसान सबका नुकसान' से आप क्या समझते हैं?[1 अंक]
उत्तर देखें
इसका अर्थ है कि प्रकृति में सब कुछ परस्पर जुड़ा है, इसलिए किसी एक घटक को नुकसान पहुँचने से पूरा तंत्र प्रभावित होता है।
(घ) भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारी क्या जिम्मेदारी है?[1 अंक]
उत्तर देखें
भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है कि हम प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करें ताकि उनके लिए पर्याप्त संसाधन बचे रहें।
(ङ) गद्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
उपयुक्त शीर्षक: "सतत विकास: हमारा दायित्व" अथवा "प्रकृति और परस्पर निर्भरता"।
अध्याय 3 — एक आशीर्वाद
अपठित गद्यांश 1
"इक्कीसवीं सदी में शिक्षा का अर्थ केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं है, बल्कि व्यक्ति में निहित संभावनाओं का विस्तार करना है। एक सफल विद्यार्थी वह नहीं जो केवल अच्छे अंक लाता है, बल्कि वह है जो समस्याओं का समाधानकर्ता बन सके। NEP 2020 ने इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब शिक्षा संकीर्ण दायरों से निकलकर व्यापक हो रही है।"
(क) अनुच्छेद के अनुसार आधुनिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
आधुनिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि व्यक्ति में निहित संभावनाओं का विस्तार करना, कौशल विकास और आलोचनात्मक सोच विकसित करना है।
(ख) 'समस्याओं का समाधानकर्ता' बनने के लिए विद्यार्थी में किन गुणों का होना आवश्यक है?[2 अंक]
उत्तर देखें
प्रश्न पूछने की जिज्ञासा, डिजिटल साक्षरता, वैश्विक चुनौतियों के प्रति जागरूकता और लीक से हटकर सोचने का गुण।
(ग) 'संकीर्ण' शब्द का विलोम गद्यांश से ढूँढकर लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
विलोम शब्द: विस्तृत (या व्यापक)
(घ) गद्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक सुझाइए।[1 अंक]
उत्तर देखें
"आधुनिक शिक्षा और कौशल विकास" अथवा "NEP 2020: नई दिशा"
अपठित काव्यांश
"सफलता उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जो रास्तों की मुश्किलों से नहीं डरते। हार मानना उनका काम नहीं, जो जीत के दीवाने होते हैं।"
(क) सफलता प्राप्त करने के लिए क्या अनिवार्य है?[2 अंक]
उत्तर देखें
सफलता के लिए सपनों में जान (दृढ़ इच्छाशक्ति) और मुश्किलों से न डरने का साहस अनिवार्य है।
(ख) 'पंखों' और 'हौसलों' के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?[2 अंक]
उत्तर देखें
'पंखों' से आशय केवल साधनों से है, जबकि 'हौसलों' से आशय आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास से है। कवि कहना चाहता है कि साधनों से अधिक महत्वपूर्ण मनुष्य का आत्मबल है।
(ग) उपर्युक्त पंक्तियों में प्रयुक्त एक मुहावरा छाँटिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
मुहावरा: "सपनों में जान होना" अथवा "हौसलों से उड़ान भरना"
डॉ. कलाम के विचारों पर आधारित गद्यांश
"सपने वह नहीं होते जो आप नींद में देखते हैं, सपने वह होते हैं जो आपको सोने नहीं देते। आज के युवाओं के सामने अवसर बहुत हैं, लेकिन समय सीमित है। इसलिए समय का सदुपयोग करना आवश्यक है। यदि आप अपनी कार्यक्षमता बढ़ाएँ, तो समय की सीमा के भीतर ही बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। यही 'लंबी छलांग' है।"
(क) डॉ. कलाम के अनुसार असली सपना क्या है?[2 अंक]
उत्तर देखें
डॉ. कलाम के अनुसार असली सपने वे नहीं जो नींद में देखें, बल्कि वे हैं जो आपको लक्ष्य प्राप्ति की तड़प के कारण सोने न दें।
(ख) युवाओं के सामने आज सबसे बड़ी दुविधा क्या है?[2 अंक]
उत्तर देखें
युवाओं के सामने दुविधा यह है कि अवसर और अनुभव के विकल्प बहुत अधिक हैं, लेकिन उन्हें प्राप्त करने के लिए समय सीमित है।
(ग) 'लंबी छलांग' से लेखक का क्या आशय है?[1 अंक]
उत्तर देखें
'लंबी छलांग' का आशय उपलब्ध समय में अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाकर बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करना है, जो देश को विकास के अगले चरण पर ले जाए।
अध्याय 4 — हरिद्वार
अपठित गद्यांश
"प्रकृति मनुष्य की सबसे बड़ी शिक्षक है। भारतेंदु हरिश्चंद्र का मानना था कि केवल पुस्तकों से शिक्षा पूर्ण नहीं होती, यात्राएँ इसमें प्राण फूँकती हैं। जब हम किसी ऐतिहासिक या प्राकृतिक स्थल की यात्रा करते हैं, तो वहाँ की मिट्टी, हवा और दृश्य हमें वह सिखाते हैं जो पन्नों पर अंकित शब्द नहीं सिखा सकते। वृक्ष स्वयं कष्ट सहकर दूसरों को फल और छाया देते हैं। मरने के बाद भी वे लकड़ी, कोयले और राख से परोपकार करते हैं।"
(क) लेखक के अनुसार शिक्षा की पूर्णता के लिए यात्राएँ क्यों आवश्यक हैं?[1 अंक]
उत्तर देखें
यात्राएँ मनुष्य को वह व्यावहारिक ज्ञान देती हैं जो पुस्तकों के पन्नों पर अंकित शब्द नहीं दे सकते। ये जीवन में 'प्राण' फूँकने का कार्य करती हैं।
(ख) 'वृक्षों का जीवन धन्य है' — गद्यांश के आलोक में इस कथन की पुष्टि कीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
वृक्ष स्वयं कष्ट (घाम, ओस, वर्षा) सहकर दूसरों को फल और छाया देते हैं। मरने के बाद भी वे लकड़ी, कोयले और राख से परोपकार करते हैं, इसलिए उनका जीवन धन्य है।
(ग) आधुनिक युग में मानवीय संवेदनाओं की कमी का मुख्य कारण क्या बताया गया है?[1 अंक]
उत्तर देखें
तकनीक प्रधान युग में प्रकृति से दूरी बढ़ने के कारण मानवीय संवेदनाओं और संतोष के भाव में कमी आई है।
(घ) गद्यांश में 'परोपकार' का कौन-सा उदाहरण दिया गया है?[1 अंक]
उत्तर देखें
गद्यांश में वृक्षों द्वारा पत्थर मारने पर भी फल देना और स्वयं कष्ट सहकर दूसरों को सुख देना परोपकार का उदाहरण है।
(ङ) 'प्राण फूँकना' मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करते हुए वाक्य प्रयोग कीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
अर्थ: नया जीवन देना या उत्साह भर देना। वाक्य: ठंडी हवा के झोंकों ने थके हुए यात्रियों के शरीर में मानो प्राण फूँक दिए।
जल संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत (गद्यांश)
"भारत की नदियाँ सदियों से हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर रही हैं। गंगा को 'माता' कहा जाता था और उसकी पवित्रता का विशेष महत्व था। लेकिन आधुनिक युग में हमने नदियों को केवल संसाधन मान लिया है। औद्योगिक कचरा, घरेलू मल और प्लास्टिक ने इन पवित्र जलधाराओं को प्रदूषित कर दिया है। यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो भविष्य में हमारी आने वाली पीढ़ियाँ स्वच्छ जल से वंचित रह जाएँगी।"
(क) प्राचीन काल में नदियों को किस रूप में देखा जाता था?[1 अंक]
उत्तर देखें
प्राचीन काल में नदियों को 'माता' और 'पावनी' मानकर पूजा जाता था और उनकी पवित्रता का ध्यान रखा जाता था।
(ख) आधुनिक युग में नदियों के प्रति हमारा दृष्टिकोण क्या हो गया है?[1 अंक]
उत्तर देखें
आधुनिक युग में हम नदियों को मात्र संसाधन मानकर प्रदूषित कर रहे हैं और प्रकृति से अपना भावनात्मक जुड़ाव खो चुके हैं।
(ग) नदी प्रदूषण के मुख्य कारण क्या हैं?[1 अंक]
उत्तर देखें
औद्योगिक कचरा, घरेलू मल और प्लास्टिक नदी प्रदूषण के मुख्य कारण हैं।
(घ) भविष्य की पीढ़ियों के लिए क्या खतरा है?[1 अंक]
उत्तर देखें
यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो भविष्य में आने वाली पीढ़ियाँ स्वच्छ जल से वंचित रह जाएँगी।
(ङ) गद्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
उपयुक्त शीर्षक: "नदियाँ: हमारी सांस्कृतिक धरोहर" अथवा "जल संरक्षण: एक जरूरत"।
अपठित पद्यांश
"पर्वतों पर अनेक प्रकार की वल्ली हरी-भरी सज्जनों के शुभ मनोरथों की भाँति फैलकर लहलहा रही है और बड़े-बड़े वृक्ष भी ऐसे खड़े हैं मानो एक पैर से खड़े तपस्या करते हैं। नदी का कल-कल शब्द मानो स्वर्गीय संगीत बज रहा हो।"
(क) काव्यांश का केंद्रीय भाव क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
काव्यांश का केंद्रीय भाव प्रकृति संरक्षण और ईश्वर की व्यापकता है।
(ख) इस काव्यांश में कौन-कौन से अलंकार प्रयुक्त हुए हैं?[2 अंक]
उत्तर देखें
अलंकार: अनुप्रास (वर्णों की आवृत्ति) और उपमा (तुलना)।
(ग) 'वल्ली' शब्द का अर्थ बताइए।[1 अंक]
उत्तर देखें
'वल्ली' का अर्थ है लता या बेल।
(घ) वृक्षों की तुलना किससे की गई है?[1 अंक]
उत्तर देखें
वृक्षों की तुलना एक पैर पर खड़े तपस्या करते हुए साधुओं से की गई है।
अध्याय 5 — कबीर के दोहे
अपठित गद्यांश
"आधुनिक युग में तकनीक ने हमारे जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। जहाँ एक ओर इंटरनेट ने सूचनाओं का भंडार खोल दिया है, वहीं दूसरी ओर इसने हमारी मौलिक सोच और एकाग्रता को प्रभावित किया है। युवा वर्ग सोशल मीडिया के आभासी संसार में इतना उलझ गया है कि वास्तविक मानवीय संबंधों की गरमाहट भूलता जा रहा है। भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती तकनीक और मानवीय मूल्यों के बीच सही संतुलन बनाए रखना है।"
(क) तकनीक ने युवा वर्ग के वास्तविक जीवन को किस प्रकार प्रभावित किया है?[1 अंक]
उत्तर देखें
तकनीक ने युवाओं को सोशल मीडिया के आभासी संसार में उलझा दिया है, जिससे वे वास्तविक मानवीय संबंधों की गरमाहट और सामाजिकता से दूर होते जा रहे हैं।
(ख) गद्यांश के अनुसार भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती तकनीक और मानवीय मूल्यों के बीच सही संतुलन बनाए रखना है, ताकि मनुष्य केवल एक यंत्र बनकर न रह जाए।
(ग) 'आभासी संसार' से लेखक का क्या तात्पर्य है?[1 अंक]
उत्तर देखें
'आभासी संसार' का अर्थ है इंटरनेट और सोशल मीडिया की वह दुनिया जो वास्तविक नहीं है, लेकिन युवा उसमें अपना अधिकतम समय बिताते हैं।
(घ) 'संवेदनशीलता' और 'यंत्र' के बीच क्या संबंध दर्शाया गया है?[1 अंक]
उत्तर देखें
'संवेदनशीलता' मनुष्य का मूल गुण है, जबकि 'यंत्र' भावनाओं से रहित होता है। तकनीक का अत्यधिक प्रभाव मनुष्य को यंत्रवत (भावशून्य) बना रहा है।
(ङ) गद्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
उपयुक्त शीर्षक: "तकनीक बनाम मानवीय संवेदनाएँ"
अपठित गद्यांश (प्रकृति)
"प्रकृति मनुष्य की सबसे बड़ी सहचरी है। प्राचीन काल से ही मानव और प्रकृति का अटूट संबंध रहा है। परंतु औद्योगिक विकास की अंधी दौड़ में मनुष्य ने वनों का विनाश कर पर्यावरण का संतुलन बिगाड़ दिया है। आज वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और मृदा क्षरण जैसी समस्याएँ मानव जाति के अस्तित्व के लिए खतरा बन गई हैं। धारणीय विकास (Sustainable Development) को अपनाना एकमात्र मार्ग है। हमें समझना होगा कि प्रकृति का संरक्षण ही हमारा वास्तविक विकास है।"
(क) प्रकृति का महत्व क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
प्रकृति जीवन का आधार है और प्राचीन काल से मनुष्य की सहचरी रही है।
(ख) विनाश के कारण क्या हैं?[1 अंक]
उत्तर देखें
औद्योगिक विकास की अंधी दौड़ और वनों की अंधाधुंध कटाई।
(ग) समाधान क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
धारणीय विकास (Sustainable Development) को अपनाना एकमात्र मार्ग है।
(घ) पर्यावरण संरक्षण और विकास में क्या संबंध है?[1 अंक]
उत्तर देखें
प्रकृति का संरक्षण ही हमारा वास्तविक विकास है।
(ङ) गद्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
उपयुक्त शीर्षक: "प्रकृति: हमारी सहचरी" अथवा "धारणीय विकास की आवश्यकता"।
अपठित काव्यांश
"बाधाएँ आती हैं आएँ, घिरें प्रलय की घोर घटाएँ। पंथ में काँटे बिछ जाएँ, निश्चय न मन से मिटाएँ। कदम मिलाकर चलना होगा, मंजिल को पाना होगा।"
(क) कवि किन परिस्थितियों में भी निरंतर चलने का आह्वान कर रहा है?[1 अंक]
उत्तर देखें
कवि बाधाओं, दुखों, हार-जीत और अपमान जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान कर रहा है।
(ख) 'कदम मिलाकर चलना' किस सामाजिक भावना का प्रतीक है?[1 अंक]
उत्तर देखें
'कदम मिलाकर चलना' एकता, सामूहिकता और साथ मिलकर लक्ष्य प्राप्ति की भावना का प्रतीक है।
(ग) 'घोर घटाएँ' से कवि का क्या आशय है?[1 अंक]
उत्तर देखें
'घोर घटाएँ' से आशय अत्यंत कठिन और विनाशकारी परिस्थितियाँ हैं।
(घ) 'निश्चय' शब्द का पर्यायवाची लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
'निश्चय' का पर्यायवाची है 'संकल्प' या 'दृढ़ इच्छा'।
(ङ) काव्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक दीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
शीर्षक: "बाधाओं से लड़ना सीखो" अथवा "निश्चय की जीत"।
अध्याय 6 — एक टोकरी भर मिट्टी
अपठित गद्यांश — पर्यावरण और मिट्टी का महत्व
"मिट्टी केवल खेती के लिए नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन का आधार है। हमारे पूर्वजों ने मिट्टी को 'माता' कहकर उसका सम्मान किया। मिट्टी में ही हमारा जन्म होता है और मिट्टी में ही विलीन हो जाते हैं। आज हम इस मिट्टी को रासायनिक उर्वरकों और प्लास्टिक से दूषित कर रहे हैं। मिट्टी का संरक्षण ही पर्यावरण संरक्षण है।"
(क) गद्यांश में मिट्टी के महत्व पर क्या कहा गया है?[1 अंक]
उत्तर देखें
मिट्टी केवल खेती के लिए नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन का आधार है। हमारे पूर्वजों ने मिट्टी को 'माता' कहकर उसका सम्मान किया।
(ख) मिट्टी को दूषित करने के कारण क्या हैं?[1 अंक]
उत्तर देखें
रासायनिक उर्वरकों और प्लास्टिक के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी दूषित हो रही है।
(ग) 'मिट्टी का संरक्षण' क्यों आवश्यक है?[1 अंक]
उत्तर देखें
मिट्टी का संरक्षण ही पर्यावरण संरक्षण है क्योंकि मिट्टी में ही हमारा जन्म और अंत होता है।
(घ) पूर्वजों ने मिट्टी को किस रूप में देखा?[1 अंक]
उत्तर देखें
पूर्वजों ने मिट्टी को 'माता' कहकर उसका सम्मान किया।
(ङ) गद्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
उपयुक्त शीर्षक: "मिट्टी: हमारी माता" अथवा "मिट्टी का महत्व"।
अपठित काव्यांश
"माटी तुझे सलाम, तेरे कण-कण में बसा है राम। तूने हमें जीवन दिया, तूने हमें संस्कृति सिखाई। माटी तेरी महिमा अपार, तू है सृष्टि का आधार।"
(क) काव्यांश में कवि किसके प्रति सम्मान व्यक्त कर रहा है?[1 अंक]
उत्तर देखें
कवि मिट्टी (मातृभूमि) के प्रति सम्मान व्यक्त कर रहा है।
(ख) 'कण-कण में बसा है राम' से कवि का क्या आशय है?[1 अंक]
उत्तर देखें
इससे आशय है कि मिट्टी के प्रत्येक कण में दिव्यता और पवित्रता है।
(ग) मिट्टी ने हमें क्या-क्या दिया है?[1 अंक]
उत्तर देखें
मिट्टी ने हमें जीवन दिया और संस्कृति सिखाई।
(घ) 'सृष्टि का आधार' किसे कहा गया है?[1 अंक]
उत्तर देखें
'सृष्टि का आधार' मिट्टी को कहा गया है।
(ङ) काव्यांश में प्रकट भाव लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
मातृभूमि के प्रति सम्मान, कण-कण में दिव्यता, मिट्टी का महत्व, कृतज्ञता और वतन की भक्ति जैसे भाव व्यक्त होते हैं।
अध्याय 7 — मत बाँधो / गिल्लू
पर्यावरण और सतत विकास पर आधारित गद्यांश
"पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। वनों की अंधाधुंध कटाई, जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण ने पृथ्वी को गंभीर खतरे में डाल दिया है। सतत विकास का अर्थ है — आज की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों को सुरक्षित रखना। हर छोटा प्रयास मायने रखता है। पेड़ लगाना, पानी बचाना और ऊर्जा का सदुपयोग — ये सब मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं।"
(क) आज की सबसे बड़ी जरूरत क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
आज की सबसे बड़ी जरूरत पर्यावरण संरक्षण है।
(ख) पृथ्वी को किन खतरों का सामना करना पड़ रहा है?[1 अंक]
उत्तर देखें
वनों की अंधाधुंध कटाई, जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण ने पृथ्वी को गंभीर खतरे में डाल दिया है।
(ग) सतत विकास की परिभाषा क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
सतत विकास का अर्थ है — आज की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों को सुरक्षित रखना।
(घ) व्यक्तिगत स्तर पर क्या-क्या प्रयास किए जा सकते हैं?[1 अंक]
उत्तर देखें
पेड़ लगाना, पानी बचाना और ऊर्जा का सदुपयोग — ये सब मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
(ङ) गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
उपयुक्त शीर्षक: "पर्यावरण संरक्षण: हमारी जिम्मेदारी" अथवा "सतत विकास की ओर"।
श्रम और संघर्ष की प्रेरणा देने वाला काव्यांश
"उठो, जागो और लक्ष्य की ओर बढ़ो। रात काली हो या दिन उजाला, मेहनत कभी रुकनी नहीं चाहिए। पत्थरों से रास्ता बनाना है, काँटों से फूल तोड़ने हैं। जो संघर्ष करते हैं, वही इतिहास रचते हैं।"
(क) कवि किसके लिए प्रेरणा दे रहा है?[1 अंक]
उत्तर देखें
कवि श्रम और संघर्ष करने वालों के लिए प्रेरणा दे रहा है।
(ख) 'पत्थरों से रास्ता बनाना' का क्या प्रतीकात्मक अर्थ है?[1 अंक]
उत्तर देखें
इसका अर्थ है कठिनाइयों का सामना करते हुए अपना मार्ग बनाना।
(ग) 'काँटों से फूल तोड़ने' का क्या तात्पर्य है?[1 अंक]
उत्तर देखें
इसका तात्पर्य कष्टों के बाद सफलता प्राप्त करना है।
(घ) इतिहास कौन रचता है?[1 अंक]
उत्तर देखें
जो संघर्ष करते हैं, वही इतिहास रचते हैं।
(ङ) काव्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक दीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
शीर्षक: "संघर्ष ही सफलता की कुंजी" अथवा "मेहनत का फल"।
अध्याय 8 — नए मेहमान
अपठित गद्यांश
"आज के डिजिटल युग में शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रह गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) का मुख्य उद्देश्य रटने की प्रवृत्ति को खत्म कर आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। विद्यार्थियों को यह सीखना होगा कि 'क्या सोचें' नहीं, बल्कि 'कैसे सोचें'। भविष्य की चुनौतियों के लिए कौशल-आधारित शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना भी शिक्षा का एक अभिन्न अंग होना चाहिए।"
(क) NEP 2020 के अनुसार शिक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मुख्य उद्देश्य रटने की पुरानी पद्धति को समाप्त कर विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking) और रचनात्मकता का विकास करना है।
(ख) 'कैसे सोचें' से लेखक का क्या तात्पर्य है?[1 अंक]
उत्तर देखें
इसका अर्थ है कि विद्यार्थी केवल तथ्यों को रटें नहीं, बल्कि समस्याओं का विश्लेषण करना, तर्क करना और स्वयं के विवेक से निर्णय लेना सीखें।
(ग) भविष्य की चुनौतियों के लिए किस प्रकार की शिक्षा आवश्यक है?[1 अंक]
उत्तर देखें
भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए 'कौशल-आधारित शिक्षा' (Skill-based education) अत्यंत आवश्यक है।
(घ) समाज निर्माण में नैतिक मूल्यों की क्या भूमिका है?[1 अंक]
उत्तर देखें
नैतिक मूल्य और सामाजिक जिम्मेदारी छात्रों में एक न्यायपूर्ण, जागरूक और जीवंत समाज के निर्माण की नींव रखते हैं।
(ङ) गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
'आधुनिक शिक्षा और NEP 2020' अथवा 'शिक्षण का बदलता स्वरूप'।
काव्यांश: प्रकृति के संरक्षण पर आधारित
"हरियाली की चादर ओढ़े यह धरती, नीले आकाश का साया है। नदियाँ गाती हैं मधुर गीत, पर्वत खड़े हैं गौरव से। यह सब है तो जीवन है, यह नहीं तो कुछ भी नहीं। प्रकृति की रक्षा करो, यही सबसे बड़ा धर्म है।"
(क) काव्यांश का मुख्य संदेश क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
काव्यांश का मुख्य संदेश प्रकृति के संरक्षण की आवश्यकता है।
(ख) 'हरियाली की चादर' से कवि का क्या आशय है?[1 अंक]
उत्तर देखें
इससे आशय वनों और हरियाली से ढकी धरती है।
(ग) 'पर्वत खड़े हैं गौरव से' में कौन-सा अलंकार है?[1 अंक]
उत्तर देखें
इसमें रूपक अलंकार है (पर्वतों को गौरव से खड़े माना गया है)।
(घ) 'यह सब है तो जीवन है' से कवि क्या कहना चाहता है?[1 अंक]
उत्तर देखें
कवि कहना चाहता है कि प्रकृति के बिना जीवन संभव नहीं है।
(ङ) काव्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक दीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
शीर्षक: "प्रकृति: जीवन का आधार" अथवा "हरियाली की धरती"।
गद्यांश: भारतीय संस्कृति में अतिथ्य सत्कार
"भारतीय संस्कृति में अतिथि को देवता के समान माना जाता है — 'अतिथि देवो भवः'। हमारे पूर्वज मानते थे कि घर आया हुआ मेहमान ईश्वर का ही रूप होता है। उसे भोजन, आसन और सम्मान देना हमारा धर्म है। आज के युग में भले ही जीवन तेज़ हो गया हो, लेकिन अतिथ्य सत्कार की परंपरा आज भी प्रासंगिक है। यह हमारी सांस्कृतिक पहचान है।"
(क) भारतीय संस्कृति में अतिथि को किस रूप में देखा जाता है?[1 अंक]
उत्तर देखें
भारतीय संस्कृति में अतिथि को देवता के समान माना जाता है — 'अतिथि देवो भवः'।
(ख) अतिथि को क्या-क्या देना हमारा धर्म माना जाता है?[1 अंक]
उत्तर देखें
अतिथि को भोजन, आसन और सम्मान देना हमारा धर्म है।
(ग) आज के युग में अतिथ्य सत्कार की परंपरा क्यों प्रासंगिक है?[1 अंक]
उत्तर देखें
आज के युग में भी अतिथ्य सत्कार की परंपरा प्रासंगिक है क्योंकि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान है।
(घ) 'अतिथि देवो भवः' का अर्थ स्पष्ट कीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
इसका अर्थ है कि अतिथि को देवता के समान मानो।
(ङ) गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
उपयुक्त शीर्षक: "अतिथि देवो भवः" अथवा "भारतीय संस्कृति में अतिथ्य सत्कार"।
अध्याय 9 — आदमी का अनुपात
अपठित गद्यांश
"ब्रह्मांड की असीम विस्तारता में पृथ्वी एक नीले बिंदु के समान है। मनुष्य ने तकनीक की बदौलत चाँद तक पहुँचने का साहस किया, लेकिन अपने पड़ोसी के मन तक पहुँचने की संवेदना खोता जा रहा है। यह आधुनिक युग की सबसे बड़ी विडंबना है। सच्चा 'विराट' वह नहीं जिसने सत्ता पाई, बल्कि वह है जिसने सह-अस्तित्व और सर्व-समावेशिता को अपनाया। आज हमें दीवारें गिरानी होंगी, न कि ऊँची करनी होंगी।"
(क) लेखक के अनुसार आधुनिक युग की सबसे बड़ी विडंबना क्या है?[1 अंक]
उत्तर देखें
मनुष्य तकनीक से दूरस्थ ग्रहों तक पहुँच गया है, लेकिन अपने पड़ोसी के मन तक पहुँचने की संवेदना खोता जा रहा है।
(ख) 'विराट' व्यक्ति की क्या पहचान बताई गई है?[1 अंक]
उत्तर देखें
विराट व्यक्ति वह है जिसने सह-अस्तित्व और सबको साथ लेकर चलने की भावना को अपनाया है।
(ग) 'दीवारें ऊँची करना' मुहावरे का गद्यांश के संदर्भ में अर्थ स्पष्ट कीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
इसका अर्थ है — आपसी भेदभाव, अविश्वास और अलगाव को बढ़ाना।
(घ) 'सह-अस्तित्व' शब्द का अर्थ स्पष्ट कीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
साथ मिलकर रहने की भावना।
(ङ) गद्यांश का सारांश एक वाक्य में लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
सच्चा विकास तकनीकी प्रगति में नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के विस्तार में है।
पठित काव्यांश — 'आदमी का अनुपात'
"संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है, अपने को दूजे का स्वामी बताता है। देशों की कौन कहे, एक कमरे में दो दुनिया रचाता है।"
(क) 'शंख' संख्या का क्या मान है?[1 अंक]
उत्तर देखें
शंख का अर्थ 100 पद्म (एक बहुत बड़ी संख्या) है।
(ख) मनुष्य द्वारा उठाई गई 'संख्यातीत दीवारों' से क्या तात्पर्य है?[1 अंक]
उत्तर देखें
इससे तात्पर्य मनुष्य द्वारा खड़े किए गए अनगिनत सामाजिक, धार्मिक और वैचारिक भेदभावों से है।
(ग) 'स्वामी' बनने की चाहत मनुष्य के किस मानसिक विकार को दर्शाती है?[1 अंक]
उत्तर देखें
यह उसके अहंकार (अहं) और वर्चस्व की भावना को दर्शाती है।
(घ) 'दो दुनिया रचाना' मुहावरे का अर्थ स्पष्ट कीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
आपसी मतभेद के कारण एक ही स्थान पर अलग-अलग विचारधारा या मनमुटाव के साथ रहना।
(ङ) कवि ने 'देशों' की तुलना 'एक कमरे' से क्यों की है?[1 अंक]
उत्तर देखें
क्योंकि जिस प्रकार देशों के बीच सीमाएँ होती हैं, मनुष्य ने वैसी ही संकुचित सीमाएँ अपने छोटे से कमरे (निजी जीवन) में भी बना ली हैं।
अध्याय 10 — तरुण के स्वप्न
अपठित गद्यांश
"भारत की युवा शक्ति राष्ट्र की रीढ़ है। NEP 2020 के अनुसार, शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान न होकर विद्यार्थियों के चरित्र का सर्वांगीण विकास करना है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नवाचार और कौशल विकास अनिवार्य है। जब युवा वर्ग अपने उत्तरदायित्वों को समझकर समाज में अर्थ की विषमता को दूर करने का प्रयास करेगा, तभी एक विकसित राष्ट्र का स्वप्न साकार होगा।"
(क) NEP 2020 के अनुसार चरित्र निर्माण के लिए शिक्षा का स्वरूप कैसा होना चाहिए?[1 अंक]
उत्तर देखें
NEP 2020 के अनुसार, शिक्षा का स्वरूप ऐसा होना चाहिए जो केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर विद्यार्थी के चरित्र का सर्वांगीण विकास करे।
(ख) अनुच्छेद के अनुसार राष्ट्र की उन्नति में युवाओं की क्या भूमिका है?[1 अंक]
उत्तर देखें
राष्ट्र की उन्नति में युवा शक्ति रीढ़ की हड्डी के समान है; युवाओं द्वारा अपने उत्तरदायित्वों को समझने और सामाजिक विषमता दूर करने से ही राष्ट्र विकसित होगा।
(ग) 'सर्वांगीण' शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग-प्रत्यय अलग कीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
उपसर्ग: सर्व। प्रत्यय: ईण (सर्व + अंग + ईण)।
(घ) समाज में 'अर्थ की विषमता' से क्या तात्पर्य है?[1 अंक]
उत्तर देखें
'अर्थ की विषमता' का तात्पर्य समाज में व्याप्त अमीर-गरीब के बीच की गहरी खाई या आर्थिक असमानता से है।
(ङ) गद्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
'राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका' या 'नूतन शिक्षा और युवा'।
कौशल विकास और आत्मनिर्भर भारत पर आधारित गद्यांश
"आज का युवा कल का भविष्य है। NEP 2020 ने शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। अब रटने की प्रवृत्ति को खत्म कर तार्किक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। कौशल विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें। 'आत्मनिर्भर भारत' का स्वप्न तभी साकार होगा जब हर युवा में कौशल, आत्मविश्वास और राष्ट्र प्रेम की भावना होगी।"
(क) NEP 2020 में क्या क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं?[1 अंक]
उत्तर देखें
NEP 2020 में रटने की प्रवृत्ति को खत्म कर तार्किक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
(ख) कौशल विकास क्यों आवश्यक है?[1 अंक]
उत्तर देखें
कौशल विकास आवश्यक है ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें।
(ग) 'आत्मनिर्भर भारत' का स्वप्न कब साकार होगा?[1 अंक]
उत्तर देखें
'आत्मनिर्भर भारत' का स्वप्न तभी साकार होगा जब हर युवा में कौशल, आत्मविश्वास और राष्ट्र प्रेम की भावना होगी।
(घ) आज के युवा कल के क्या हैं?[1 अंक]
उत्तर देखें
आज के युवा कल का भविष्य हैं।
(ङ) गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
उपयुक्त शीर्षक: "NEP 2020 और आत्मनिर्भर भारत" अथवा "युवा और कौशल विकास"।
स्वतंत्रता और देश-प्रेम पर आधारित काव्यांश
"वतन की मिट्टी से मोहब्बत करो, इसकी रक्षा में जान दे दो। यह धरती हमारी माँ है, इसका सम्मान ही धर्म है। जो इसके लिए लड़े, वीर कहलाए। जो इसे बचाए, सच्चा देशभक्त कहलाए।"
(क) कवि किसके प्रति मोहब्बत की बात कर रहा है?[1 अंक]
उत्तर देखें
कवि वतन की मिट्टी (मातृभूमि) के प्रति मोहब्बत की बात कर रहा है।
(ख) 'यह धरती हमारी माँ है' में कौन-सा अलंकार है?[1 अंक]
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इसमें रूपक अलंकार है (धरती को माँ का रूप दिया गया है)।
(ग) सच्चा देशभक्त कौन है?[1 अंक]
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जो धरती को बचाए, वह सच्चा देशभक्त कहलाता है।
(घ) 'वतन' शब्द का पर्यायवाची लिखिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
'वतन' का पर्यायवाची है 'देश' या 'मुल्क'।
(ङ) काव्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक दीजिए।[1 अंक]
उत्तर देखें
शीर्षक: "वतन से मोहब्बत" अथवा "देशभक्ति का गीत"।